{"_id":"5adb724d4f1c1bb56a8b5614","slug":"15243310865-shrinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एलटीसी मामले में अब शिक्षक भी होने लगे मुखर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एलटीसी मामले में अब शिक्षक भी होने लगे मुखर
Updated Sat, 21 Apr 2018 10:52 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
श्रीनगर। गढ़वाल विवि एलटीसी घोटाला मामले में अब शिक्षक भी मुखर होने लगे हैं। शिक्षकों का कहना है कि जब विवि के वित्त अधिकारी को वित्तीय अनियमितता के मामले मे रिकवरी के बाद क्लीन चिट दी जा सकती है तो एलटीसी मामले में भी रिकवरी कर मामले का निस्तारण किया जाना चाहिए।
गढ़वाल विवि बिड़ला परिसर शिक्षक एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. पीएम सकलानी ने कहा कि एलटीसी मामले में विवि प्रशासन भी दोषी है। प्रशासन को बिल वैरीफाई करने से पहले पूरी जांच करनी चाहिए थी। सकलानी ने कहा कि केंद्रीय विवि बनने के बाद शिक्षकों को पहली बार एलटीसी सुविधा प्राप्त हुई, जिससे जानकारी न होने की वजह से यह गलती हुई है। विवि प्रशासन को चाहिए कि इस मामले में रिकवरी कर निस्तारण किया जाए। साथ ही कर्मचारियों को एलटीसी के दौरान 10 दिन के अवकाश के बावजूद पूरा वेतन मिला है, जबकि शिक्षकों को एलटीसी के 10 दिन के अवकाश का वेतन काटा गया है। यह शिक्षकों के साथ उपेक्षापूर्ण रवैया है। सकलानी ने कहा कि शिक्षकों को एलटीसी अवकाश के 10 दिनों का वेतन जल्द दिया जाए।
गढ़वाल विवि बिड़ला परिसर शिक्षक एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. पीएम सकलानी ने कहा कि एलटीसी मामले में विवि प्रशासन भी दोषी है। प्रशासन को बिल वैरीफाई करने से पहले पूरी जांच करनी चाहिए थी। सकलानी ने कहा कि केंद्रीय विवि बनने के बाद शिक्षकों को पहली बार एलटीसी सुविधा प्राप्त हुई, जिससे जानकारी न होने की वजह से यह गलती हुई है। विवि प्रशासन को चाहिए कि इस मामले में रिकवरी कर निस्तारण किया जाए। साथ ही कर्मचारियों को एलटीसी के दौरान 10 दिन के अवकाश के बावजूद पूरा वेतन मिला है, जबकि शिक्षकों को एलटीसी के 10 दिन के अवकाश का वेतन काटा गया है। यह शिक्षकों के साथ उपेक्षापूर्ण रवैया है। सकलानी ने कहा कि शिक्षकों को एलटीसी अवकाश के 10 दिनों का वेतन जल्द दिया जाए।
विज्ञापन