{"_id":"5ad77b054f1c1b84028b5423","slug":"15240711757-shrinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेस अस्पताल की सफाई व्यवस्था के लिए होंगे टेंडर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेस अस्पताल की सफाई व्यवस्था के लिए होंगे टेंडर
Updated Wed, 18 Apr 2018 10:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। बेस अस्पताल की चरमराई सफाई व्यवस्था पटरी पर लाने के लिए संस्थान जल्द आउटसोर्स से सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए निविदा आमंत्रित करेगा। सफाई कर्मचारियों की कमी का असर सफाई व्यवस्था पर दिखाई दे रहा है। बुधवार को अस्पताल के प्रसूति वार्ड में दोपहर तक सफाई नहीं हो पाई थी।
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बेस अस्पताल की सफाई व्यवस्था देख रही आउटसोर्सिंग एजेंसी का कांट्रेक्ट 15 अप्रैल को खत्म हो चुका है। अस्पताल प्रबंधन की योजना थी, कि जब तक नए काम के टेंडर के विषय में फैसला नहीं होता, तब तक उक्त एजेंसी से काम चलाया जाए, लेकिन सफाई कर्मियों ने एजेंसी के साथ काम करने से मना कर दिया, जिससे यहां सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई। 17 अप्रैल से संस्थान ने मेडिकल कॉलेज के सफाई कर्मियों की ड्यूटी बेस अस्पताल में लगा दी। पूर्व में अस्पताल के 47 कर्मियों की तीन शिफ्ट मेें ड्यूटी लगाई जाती थी, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में ऐसा नहीं हो पा रहा है। मेडिकल कॉलेज में सिर्फ 33 कर्मचारी हैं। ऐसी स्थिति में अस्पताल की सफाई व्यवस्था इसका असर दिखाई देने लगा है। प्राचार्य मेडिकल कॉलेज श्रीनगर प्रो. सीएम रावत का कहना है कि जल्दी टेंडर कमेटी की बैठक कर इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा। कर्मचारी दोनों स्थानों पर सफाई कार्य कर रहे हैं। बेहतर काम करने वाले 10 कर्मचारियों को 15 अगस्त को सम्मानित किया जाएगा।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बेस अस्पताल की सफाई व्यवस्था देख रही आउटसोर्सिंग एजेंसी का कांट्रेक्ट 15 अप्रैल को खत्म हो चुका है। अस्पताल प्रबंधन की योजना थी, कि जब तक नए काम के टेंडर के विषय में फैसला नहीं होता, तब तक उक्त एजेंसी से काम चलाया जाए, लेकिन सफाई कर्मियों ने एजेंसी के साथ काम करने से मना कर दिया, जिससे यहां सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई। 17 अप्रैल से संस्थान ने मेडिकल कॉलेज के सफाई कर्मियों की ड्यूटी बेस अस्पताल में लगा दी। पूर्व में अस्पताल के 47 कर्मियों की तीन शिफ्ट मेें ड्यूटी लगाई जाती थी, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में ऐसा नहीं हो पा रहा है। मेडिकल कॉलेज में सिर्फ 33 कर्मचारी हैं। ऐसी स्थिति में अस्पताल की सफाई व्यवस्था इसका असर दिखाई देने लगा है। प्राचार्य मेडिकल कॉलेज श्रीनगर प्रो. सीएम रावत का कहना है कि जल्दी टेंडर कमेटी की बैठक कर इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा। कर्मचारी दोनों स्थानों पर सफाई कार्य कर रहे हैं। बेहतर काम करने वाले 10 कर्मचारियों को 15 अगस्त को सम्मानित किया जाएगा।
विज्ञापन