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प्रथाडीप, मैठाणा और हेलंग भूस्खलन जोन नहीं बनेंगे परेशानी का सबब-compat
Updated Thu, 12 Apr 2018 10:56 PM IST
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गोपेश्वर। बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों को इस बार खतरनाक बने भूस्खलन जोन पर दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। बदरीनाथ हाईवे पर इन दिनों मैठाणा, प्रथाडीप और हेलंग भूस्खलन जोन में सुधारीकरण का कार्य जोर-शोर से चल रहा है। जिलाधिकारी आशीष जोशी ने कार्य में तेजी लाने के लिए संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को लगातार कार्य की मॉनीटरिंग के निर्देश दिए हैं।
नंदप्रयाग के समीप प्रथाडीप में वर्ष 1999 में चीड़ के जंगलों से भूस्खलन शुरू हुआ था, जो हर वर्ष बरसात में हाईवे के लिए खतरनाक बना हुआ था। यहां लोनिवि के एनएच खंड की ओर से पिछले वर्ष जुलाई माह से सुधारीकरण का कार्य शुरू करवाया गया। अब यहां अलकनंदा और चट्टान साइड सुधारीकरण का कार्य चल रहा है। मैठाणा भूस्खलन क्षेत्र में अलकनंदा से लेकर पलेठी गांव को जाने वाली सड़क तक सुधारीकरण का कार्य हो रहा है। यहां करीब चार सौ मीटर हिस्से में सुरक्षा दीवार और हाईवे के समतलीकरण का कार्य किया जा रहा है। यहां हाईवे की चौड़ाई करीब बारह मीटर तक की गई है। हिल साइड मलबे को रोकने के भी इंतजाम किए जा रहे हैं, जबकि यात्राकाल में यहां यात्रा वाहनों की आवाजाही मुश्किल से हो पाती थी।
जोशीमठ से दस किलोमीटर पहले हेलंग में सुधारीकरण कार्य लगभग पूर्ण हो गया है। यहां भी अलकनंदा और हिल साइड सुरक्षा दीवार निर्माण और हाईवे का समतलीकरण कार्य किया जा रहा है। वर्ष 2013 की आपदा के दौरान यहां हाईवे कई जगहों पर धंस गया था। जिलाधिकारी आशीष जोशी का कहना है कि बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा शुरू होने से पहले बदरीनाथ हाईवे का सुधारीकरण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। तीर्थयात्रियों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
नंदप्रयाग के समीप प्रथाडीप में वर्ष 1999 में चीड़ के जंगलों से भूस्खलन शुरू हुआ था, जो हर वर्ष बरसात में हाईवे के लिए खतरनाक बना हुआ था। यहां लोनिवि के एनएच खंड की ओर से पिछले वर्ष जुलाई माह से सुधारीकरण का कार्य शुरू करवाया गया। अब यहां अलकनंदा और चट्टान साइड सुधारीकरण का कार्य चल रहा है। मैठाणा भूस्खलन क्षेत्र में अलकनंदा से लेकर पलेठी गांव को जाने वाली सड़क तक सुधारीकरण का कार्य हो रहा है। यहां करीब चार सौ मीटर हिस्से में सुरक्षा दीवार और हाईवे के समतलीकरण का कार्य किया जा रहा है। यहां हाईवे की चौड़ाई करीब बारह मीटर तक की गई है। हिल साइड मलबे को रोकने के भी इंतजाम किए जा रहे हैं, जबकि यात्राकाल में यहां यात्रा वाहनों की आवाजाही मुश्किल से हो पाती थी।
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जोशीमठ से दस किलोमीटर पहले हेलंग में सुधारीकरण कार्य लगभग पूर्ण हो गया है। यहां भी अलकनंदा और हिल साइड सुरक्षा दीवार निर्माण और हाईवे का समतलीकरण कार्य किया जा रहा है। वर्ष 2013 की आपदा के दौरान यहां हाईवे कई जगहों पर धंस गया था। जिलाधिकारी आशीष जोशी का कहना है कि बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा शुरू होने से पहले बदरीनाथ हाईवे का सुधारीकरण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। तीर्थयात्रियों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
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