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पर्यटक दोबारा कर पाएंगे राजाजी नेशनल पार्क की सैर
Updated Wed, 04 Apr 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/रायवाला। राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क की मोतीचूर रेंज में पर्यटकों के लिए प्रवेश दोबारा से खोल दिया गया है। बीते माह तीन मार्च से रेंज की दो मादा बाघों को कॉलर लगाने और उनकी हर गतिविधियों की निगरानी की प्रक्रिया के तहत वन सीमा में मानवीय चहलकदमी पर रोक लगाते हुए पार्क में प्रवेश बंद कर दिया गया था। राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज में बनने वाले बाघ बाड़े से पहले रेंज की दो मादा बाघों पर रेडियो कॉलर पहनाने के अभियान कार्यक्रम के तहत करीब माह भर पूर्व राजाजी प्रशासन की ओर से क्षेत्र में प्रवेश बंद कर दिया गया था।
बीते सोमवार से दोबारा से निर्धारित समय के लिए वन्यजीव प्रेमियों, पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। प्रवेश द्वार खुलने के बाद भारी संख्या में उत्साहित पर्यटकों ने जंगल में सफारी का लुत्फ उठाया। जिसके तहत प्रवेश शुल्क के तौर पर राजाजी प्रशासन को सोमवार व मंगलवार को करीब 45 हजार से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है। मोतीचूर रेंज की 21 किमी. कच्चे ट्रैक रूट पर वाहनों में सवार होकर पर्यटक वन्यजीवों को नदजीक से निहारने का मौका मिलता है।
क्या कहते हैं अधिकारी
बाघों पर निगरानी रखने और कॉलर पहनाने के कार्य में असुविधा न हो लिहाजा क्षेत्र में पर्यटक गतिविधियों को कुछ समय के लिए रोक लिया गया था। बाघों की निगरानी पूरी हो चुकी है, कुछ ही दिनों में पिंजरे मंगाकर बाघों को कॉलर पहनाए जाने हैं। तब तक पर्यटन गतिविधियों को शुरू करा दिया गया है, मगर दोबारा से प्रवेश को कभी भी बंद किया जा सकता है।
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- सनातन सोनकर, निदेशक राजाजी टाइगर रिजर्व देहरादून।
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बीते सोमवार से दोबारा से निर्धारित समय के लिए वन्यजीव प्रेमियों, पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। प्रवेश द्वार खुलने के बाद भारी संख्या में उत्साहित पर्यटकों ने जंगल में सफारी का लुत्फ उठाया। जिसके तहत प्रवेश शुल्क के तौर पर राजाजी प्रशासन को सोमवार व मंगलवार को करीब 45 हजार से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है। मोतीचूर रेंज की 21 किमी. कच्चे ट्रैक रूट पर वाहनों में सवार होकर पर्यटक वन्यजीवों को नदजीक से निहारने का मौका मिलता है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
बाघों पर निगरानी रखने और कॉलर पहनाने के कार्य में असुविधा न हो लिहाजा क्षेत्र में पर्यटक गतिविधियों को कुछ समय के लिए रोक लिया गया था। बाघों की निगरानी पूरी हो चुकी है, कुछ ही दिनों में पिंजरे मंगाकर बाघों को कॉलर पहनाए जाने हैं। तब तक पर्यटन गतिविधियों को शुरू करा दिया गया है, मगर दोबारा से प्रवेश को कभी भी बंद किया जा सकता है।
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- सनातन सोनकर, निदेशक राजाजी टाइगर रिजर्व देहरादून।