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रेमोटोलॉजी की नई तकनीक पर किया मंथन
Updated Thu, 29 Mar 2018 02:28 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला
डोईवाला। स्वामीराम हिमालयन यूनिवर्सिटी में रेमेटोलॉजी अपडेट-2018 उत्तराखंड की कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें रेमोटोलॉजी की नई तकनीक पर मंथन किया गया।
हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के जनरल मेडिसिन विभाग की ओर से कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें एम्स, मैक्स, सीएमआई, महंत इंदिरेश अस्पताल देहरादून आदि के विशेषज्ञों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला में आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. राकेश कक्कड़ ने बताया कि उत्तराखंड के अलावा यूपी और दिल्ली के विशेषज्ञों ने प्रतिभाग किया है। विभागाध्यक्ष डॉ. रेशमा कौशिक ने बताया कि गठिया रोग और मांसपेशियों से संबधित विकार जिसके लक्षण कमर दर्द, हाथ पैरों में सूजन, त्वचा का रंग लाल हो जाना, रेमेटोलॉजी में आते हैं। शरीर में ऐसे लक्षण दिखाई दिए जाने पर चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए। एम्स दिल्ली के डॉ. उमा कुमार ने कहा कि मांसपेशियों से संबधित बीमारियों के लिए चिकित्सा संस्थानों में नई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। कार्यशाला में आयोजन समिति सचिव डॉ. शोएब अहमद, डॉ. रेणु धस्माना, डॉ. विजेंद्र चौहान, डॉ. एसएल जेठाणी, डॉ. डीसी धस्माना आदि मौजूद रहे।
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डोईवाला। स्वामीराम हिमालयन यूनिवर्सिटी में रेमेटोलॉजी अपडेट-2018 उत्तराखंड की कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें रेमोटोलॉजी की नई तकनीक पर मंथन किया गया।
हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के जनरल मेडिसिन विभाग की ओर से कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें एम्स, मैक्स, सीएमआई, महंत इंदिरेश अस्पताल देहरादून आदि के विशेषज्ञों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला में आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. राकेश कक्कड़ ने बताया कि उत्तराखंड के अलावा यूपी और दिल्ली के विशेषज्ञों ने प्रतिभाग किया है। विभागाध्यक्ष डॉ. रेशमा कौशिक ने बताया कि गठिया रोग और मांसपेशियों से संबधित विकार जिसके लक्षण कमर दर्द, हाथ पैरों में सूजन, त्वचा का रंग लाल हो जाना, रेमेटोलॉजी में आते हैं। शरीर में ऐसे लक्षण दिखाई दिए जाने पर चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए। एम्स दिल्ली के डॉ. उमा कुमार ने कहा कि मांसपेशियों से संबधित बीमारियों के लिए चिकित्सा संस्थानों में नई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। कार्यशाला में आयोजन समिति सचिव डॉ. शोएब अहमद, डॉ. रेणु धस्माना, डॉ. विजेंद्र चौहान, डॉ. एसएल जेठाणी, डॉ. डीसी धस्माना आदि मौजूद रहे।
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