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आपदा में क्षतिग्रस्त मार्ग ढाई साल बाद भी नहीं बना
Updated Tue, 27 Mar 2018 02:12 AM IST
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ब्यूरो/ऋषिकेश। पौड़ी के यमकेश्वर प्रखंड में 15/16 अगस्त 2014 में आई आपदा के दौरान बुरी तरह क्षतिग्रस्त घट्टूगाड़-सिलोगी मोटर मार्ग ढाई साल से अधिक समय बीतने के बाद भी नहीं बन पाया है। उक्त मार्ग जिले के दो विकासखंडों के करीब डेढ़ सौ गांवों की लाइफ लाइन है। जिस पर आपदा से कई जगह डेंजर जोन बन गए हैं, जिन पर लोगों को हर रोज जान हथेली पर रखकर गुजरना पड़ रहा है। घट्टूगाड़-सिलोगी मोटर मार्ग पौड़ी जिले के यमकेश्वर और द्वारीखाल प्रखंड के लगभग डेढ़ सौ से अधिक गांवों की लाइफ लाइन है। आपदा के दौरान इस मार्ग का करीब दस किलोमीटर का पैच बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद से इसकी सुध नहीं ली गई।
महादेवसैंण के समीप रवाड़ा तोक व गंधक पानी के आसपास के क्षेत्र में डेंजर जोन बने हुए हैं। यहां पर सड़क इतनी संकरी हो गई है कि बसें ठीक से टर्न नहीं ले पातीं। इस पैच में छोटे या भारी दो वाहन को क्रॉस नहीं हो पाते। लिहाजा उन्हें पास करने के लिए वाहनों को कई मीटर पीछे जाना पड़ता है। ऐसी स्थिति में मार्ग पर कभी भी किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
मार्ग पर कई जगह आपदा में ढह चुके पुश्ते आज तक ठीक नहीं किए गए। जिन स्थानों पर पहाड़ी से भूस्खलन हो रहा है उसके ट्रीटमेंट की भी कोई सुध लेने वाला नहीं है। मार्ग का उक्त 10 किमी. पैच घट्टूगाड़ से बिजनी तक कई स्थानों पर पथरीला और उबड़ खाबड़ है, जिस पर यात्रियों को धूल से सनकर आवागमन करना पड़ता है।
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क्या कहते हैं स्थानीय लोग
ऋषिकेश। जोगियाणा गांव के प्रधान रविंद्र बिष्ट, सत्यपाल सिंह राणा, विनोद जुगलाण आदि का कहना है कि मोहनचट्टी जंपिंग हाईट के समीप सड़क इतनी तंग है कि वाहन बैंड नहीं काट पाते। ऐसे में संकरी सड़क पर कभी भी हादसा हो सकता है। पीडब्ल्यूडी से इसे चौड़ा करने और सड़क के पक्कीकरण की लगातार मांग की जा रही है, मगर कोई गौर नहीं किया जा रहा।
छह माह में हो चुके हैं दो हादसे
ऋषिकेश। मार्ग कई स्थानों पर इतना संकरा हो चुका है कि ऐसे दो स्थानों पर छह माह में दो बार ट्रक गिर चुके हैं। स्थानीय लोग विभाग से लगातार संकरे पैच में पुश्ते लगाने या पहाड़ी की कटान कर मार्ग चौड़ा करने की मांग उठाते आ रहे हैं मगर विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
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महादेवसैंण के समीप रवाड़ा तोक व गंधक पानी के आसपास के क्षेत्र में डेंजर जोन बने हुए हैं। यहां पर सड़क इतनी संकरी हो गई है कि बसें ठीक से टर्न नहीं ले पातीं। इस पैच में छोटे या भारी दो वाहन को क्रॉस नहीं हो पाते। लिहाजा उन्हें पास करने के लिए वाहनों को कई मीटर पीछे जाना पड़ता है। ऐसी स्थिति में मार्ग पर कभी भी किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
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मार्ग पर कई जगह आपदा में ढह चुके पुश्ते आज तक ठीक नहीं किए गए। जिन स्थानों पर पहाड़ी से भूस्खलन हो रहा है उसके ट्रीटमेंट की भी कोई सुध लेने वाला नहीं है। मार्ग का उक्त 10 किमी. पैच घट्टूगाड़ से बिजनी तक कई स्थानों पर पथरीला और उबड़ खाबड़ है, जिस पर यात्रियों को धूल से सनकर आवागमन करना पड़ता है।
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क्या कहते हैं स्थानीय लोग
ऋषिकेश। जोगियाणा गांव के प्रधान रविंद्र बिष्ट, सत्यपाल सिंह राणा, विनोद जुगलाण आदि का कहना है कि मोहनचट्टी जंपिंग हाईट के समीप सड़क इतनी तंग है कि वाहन बैंड नहीं काट पाते। ऐसे में संकरी सड़क पर कभी भी हादसा हो सकता है। पीडब्ल्यूडी से इसे चौड़ा करने और सड़क के पक्कीकरण की लगातार मांग की जा रही है, मगर कोई गौर नहीं किया जा रहा।
छह माह में हो चुके हैं दो हादसे
ऋषिकेश। मार्ग कई स्थानों पर इतना संकरा हो चुका है कि ऐसे दो स्थानों पर छह माह में दो बार ट्रक गिर चुके हैं। स्थानीय लोग विभाग से लगातार संकरे पैच में पुश्ते लगाने या पहाड़ी की कटान कर मार्ग चौड़ा करने की मांग उठाते आ रहे हैं मगर विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।