{"_id":"5ab3dbeb4f1c1bc0758b6e85","slug":"152173693619-karnpryag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह घंटे रहा नैनीताल हाईवे जाम, बाजार रहे बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह घंटे रहा नैनीताल हाईवे जाम, बाजार रहे बंद
Updated Thu, 22 Mar 2018 10:08 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गैरसैंण। स्थायी राजधानी की मांग को लेकर संघर्ष समिति के आह्वान पर गैरसैंण सहित आसपास के बाजार बंद रहे। यही नहीं सड़क पर आंदोलनकारियों के बैठ जाने से नैनीताल-हाईवे छह घंटे तक बंद रहा। टैक्सी यूनियन ने भी समर्थन में टैक्सियों का संचालन बंद रखा। जाम और बाजार बंद के दौरान यहां लोगों को चाय और पानी भी नसीब नहीं हो पाया। आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित नहीं किया जाता, तब आंदोलन जारी रहेगा।
बृहस्पतिवार को स्थायी राजधानी निर्माण संघर्ष समिति के आह्वान पर गैरसैंण, धुनारघाट, मेहलचौंरी, सलियाणा सहित कई छोटे-छोटे बाजार सुबह से बंद रहे। साथ ही रामगंगा टैक्सी यूनियन ने भी टैक्सियों का संचालन ठप रखा, जिससे गैरसैंण-भराड़ीसैंण, अद्रपा, घंडियाल, कर्णप्रयाग, मेहलचौंरी, माईथान, चौखुटिया, नागचुलाखाल आदि मोटर मार्गों पर वाहन नहीं चले। इस दौरान ग्रामीणों को मीलों पैदल चलकर बाजारों तक पहुंचना पड़ा। यही नहीं आंदोलनकारियों द्वारा गैरसैंण के मुख्य तिराहे पर धरना देने से नैनीताल हाईवे के दोनों ओर वाहन फंस गए, जिससे जाम लग गया। इस दौरान रानीखेत, हल्द्वानी, रामनगर, काशीपुर सहित अन्य स्थानों को जाने वाले लोग छह घंटे तक फंसे रहे। कई बाइक सवार मोहल्लों के पैदल रास्तों से बाइकों को धकेलते ले गए।
आठवें दिन भी जारी रहा धरना
गैरसैंण। स्थायी राजधानी की मांग को लेकर अनशनकारी महावीर सिंह और रणजीत शाह का धरना आठवें दिन भी जारी रहा। अनशनकारियों ने कहा कि सरकार के गैरसैंण में आने के बावजूद सरकार आंदोलनकारियों की सुध नहीं ले रही है, जिससे साफ है कि सरकार गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के लिए सजग नहीं है। अनशनकारियों ने कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को स्थायी राजधानी निर्माण संघर्ष समिति के आह्वान पर गैरसैंण, धुनारघाट, मेहलचौंरी, सलियाणा सहित कई छोटे-छोटे बाजार सुबह से बंद रहे। साथ ही रामगंगा टैक्सी यूनियन ने भी टैक्सियों का संचालन ठप रखा, जिससे गैरसैंण-भराड़ीसैंण, अद्रपा, घंडियाल, कर्णप्रयाग, मेहलचौंरी, माईथान, चौखुटिया, नागचुलाखाल आदि मोटर मार्गों पर वाहन नहीं चले। इस दौरान ग्रामीणों को मीलों पैदल चलकर बाजारों तक पहुंचना पड़ा। यही नहीं आंदोलनकारियों द्वारा गैरसैंण के मुख्य तिराहे पर धरना देने से नैनीताल हाईवे के दोनों ओर वाहन फंस गए, जिससे जाम लग गया। इस दौरान रानीखेत, हल्द्वानी, रामनगर, काशीपुर सहित अन्य स्थानों को जाने वाले लोग छह घंटे तक फंसे रहे। कई बाइक सवार मोहल्लों के पैदल रास्तों से बाइकों को धकेलते ले गए।
विज्ञापन
आठवें दिन भी जारी रहा धरना
गैरसैंण। स्थायी राजधानी की मांग को लेकर अनशनकारी महावीर सिंह और रणजीत शाह का धरना आठवें दिन भी जारी रहा। अनशनकारियों ने कहा कि सरकार के गैरसैंण में आने के बावजूद सरकार आंदोलनकारियों की सुध नहीं ले रही है, जिससे साफ है कि सरकार गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के लिए सजग नहीं है। अनशनकारियों ने कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा।
विज्ञापन