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सालों बाद आई आश्रम पद्वति विद्यालय की याद

Thu, 22 Mar 2018 10:07 PM IST
Updated Thu, 22 Mar 2018 10:07 PM IST
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सालों बाद आई आश्रम पद्वति विद्यालय की याद
श्रीनगर। सालों बाद आखिरकार प्रदेश सरकार को अनुसूचित जाति के बच्चों के आश्रम पद्धति विद्यालय (आवासीय) की याद आ गई। वित्त मंत्री प्रकाश पंत की ओर से पेश बजट में आश्रम पद्धति विद्यालय के लिए धनराशि का प्राविधान किया गया है।
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दशकों से पौड़ी जिले का आश्रम पद्धति विद्यालय (कक्षा 1 से 5 तक) अस्थायी रुप से श्रीकोट गंगानाली मेें किराए के भवन में संचालित हो रहा है, लेकिन आज तक स्थायी भवन का निर्माण नहीं हो पाया है। हालांकि करीब 16 साल पूर्व विकास खंड कोट के सिंडी-जसकोट में श्रीनगर-देलचौरी मोटर मार्ग के समीप स्कूल और छात्रावास के लिए जमीन चिहिन्त की गई। इसके लिए जसकोट के ग्रामीणों ने अपनी गौचर की 40 नाली भूमि भी दे दी थी। वर्ष 2003-04 में कार्यदायी संस्था ने आगणन बनाकर शासन को भेज दिया। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2005-06 में काम शुरू कराया। शुरुआती दौर में काम ठीक ठाक चला, लेकिन कुछ समय बाद काम बंद हो गया। बताया जाता है कि लागत बढ़ने से ठेकेदार को नुकसान हुआ, इसलिए उसने काम बंद कर दिया। 2016 में दोबारा इस्टीमेट भेजा गया था, लेकिन पैसा जारी नहीं होने से काम बंद रहा। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य रघुवीर सिंह ने बताया कि विद्यालय के लिए ग्रामीणों ने अपनी गौचर की भूमि सरकार को दे दी, लेकिन बदले में सरकार काम पूरा नहीं करा पाई। बहराल, अब वित्त मंत्री के बजट में आश्रम पद्धति विद्यालय के लिए धनराशि जारी कर दी गई है।
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