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चमोली में तीन हजार हेक्टेयर भू-भाग में होती है जैविक खेती
Updated Thu, 22 Mar 2018 10:07 PM IST
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गोपेश्वर। ऑर्गेनिक हर्बल स्टेट के लिए बजट का प्रावधान करने से काश्तकारों खुश हैं। काश्तकारों का कहना है कि ऑर्गेनिक हर्बल स्टेट की ओर अग्रसर रहने से रासायनिक खाद के प्रचलन पर प्रभावी रोक लगेगी और जैविक उत्पादों की अच्छी कीमत मिलेगी।
चमोली जिले में काश्तकार तीन हजार हेक्टेयर भू-भाग में जैविक खेती करते हैं। जिले में देवाल पूर्ण जैविक ब्लॉक है और बीते वर्ष से दशोली को जैविक ब्लॉक बनाने के लिए जैविक उत्पाद परिषद की ओर से आंतरिक सर्वे किया जा रहा है। देवाल के काश्तकार महिपाल सिंह और पुष्कर नेगी कहते हैं कि ऑर्गेनिक हर्बल स्टेट के लिए बजट का प्रावधान होने से जैविक उत्पादों की मांग बढ़ेगी। साथ ही अन्य जैविक उत्पादों का भी अच्छा मुनाफा काश्तकारों को मिल सकेगा। जैविक उत्पाद परिषद से जुड़े मोहन सिंह का कहना है कि ऑर्गेनिक हर्बल स्टेट के तहत काश्तकार नई कृषि तकनीक से जुड़ जाएंगे। इससे संयुक्त खेती को बढ़ावा मिलेगा।
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चमोली जिले में काश्तकार तीन हजार हेक्टेयर भू-भाग में जैविक खेती करते हैं। जिले में देवाल पूर्ण जैविक ब्लॉक है और बीते वर्ष से दशोली को जैविक ब्लॉक बनाने के लिए जैविक उत्पाद परिषद की ओर से आंतरिक सर्वे किया जा रहा है। देवाल के काश्तकार महिपाल सिंह और पुष्कर नेगी कहते हैं कि ऑर्गेनिक हर्बल स्टेट के लिए बजट का प्रावधान होने से जैविक उत्पादों की मांग बढ़ेगी। साथ ही अन्य जैविक उत्पादों का भी अच्छा मुनाफा काश्तकारों को मिल सकेगा। जैविक उत्पाद परिषद से जुड़े मोहन सिंह का कहना है कि ऑर्गेनिक हर्बल स्टेट के तहत काश्तकार नई कृषि तकनीक से जुड़ जाएंगे। इससे संयुक्त खेती को बढ़ावा मिलेगा।
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