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जांच में राफ्टिंग कंपनियां दोषी करार
Updated Sun, 18 Mar 2018 02:16 AM IST
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ब्यूरो/ऋषिकेश। तीर्थनगरी में राफ्टिंग के दौरान दिल्ली की महिला और चेन्नई की युवती की मौत के मामले में प्रशासन की जांच में राफ्टिंग कंपनियों व गाइड को दोषी पाया गया है। प्रशासन ने राफ्टिंग कंपनी के संचालक व उनके गाइड का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति कर रिपोर्ट उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (यूटीडीबी) को भेज दी है।
मुनिकीरेती-कौड़ियाला राफ्टिंग जोन में राफ्टिंग के दौरान बीते वर्ष 30 अक्टूबर 2017 को चेन्नई निवासी 25 वर्षीय डी. सुभाषनी और इसके बाद इसी वर्ष 3 जनवरी-2018 को लक्ष्मीनगर, दिल्ली निवासी भगवती वर्मन की मौत के मामले की जांच प्रशासन ने पूरी कर ली है। जांच में प्रशासन ने सीधे तौर पर राफ्टिंग कंपनियों और उनके गाइड को दोषी करार दिया है। डीएम टिहरी ने यूटीडीबी को जांच रिपोर्ट भेजकर संबंधित कंपनियों और गाइड के लाइसेंस को निरस्त करने की सिफारिश की है।
गौरतलब है कि बीती तीन जनवरी को दिल्ली निवासी भगवती वर्मन की राफ्टिंग के दौरान मौत के मामले को जिलाधिकारी सोनिका ने गंभीरता से लिया था। उन्होंने एसडीएम नरेंद्रनगर को बीते साल अक्टूबर और इस साल जनवरी की दोनों घटनाओं की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। एसडीएम की प्रारंभिक और उसके बाद विस्तृत जांच में भी कंपनियां व उनके गाइड दोषी पाए गए।
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क्या कहते हैं एसडीएम
एसडीएम नरेंद्रनगर लक्ष्मीराज चौहान के मुताबिक दोनों मामलों में राफ्टिंग कंपनी के संचालकों और गाइड की लापरवाही सामने आई है। प्रारंभिक और विस्तृत जांच रिपोर्ट को यूटीडीबी को कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है, जिसमें डीएम की ओर से उनके लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की गई है।
कोट्स
जांच में राफ्टिंग कंपनियों और उनके गाइड की लापरवाही सामने आई है। मामले में कार्रवाई की सिफारिश कर इसकी रिपोर्ट यूटीडीबी को भेज दी गई है। अब आगे की कार्रवाई बोर्ड की ओर से ही की जानी है।
- सोनिका, डीएम, टिहरी गढ़वाल
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मुनिकीरेती-कौड़ियाला राफ्टिंग जोन में राफ्टिंग के दौरान बीते वर्ष 30 अक्टूबर 2017 को चेन्नई निवासी 25 वर्षीय डी. सुभाषनी और इसके बाद इसी वर्ष 3 जनवरी-2018 को लक्ष्मीनगर, दिल्ली निवासी भगवती वर्मन की मौत के मामले की जांच प्रशासन ने पूरी कर ली है। जांच में प्रशासन ने सीधे तौर पर राफ्टिंग कंपनियों और उनके गाइड को दोषी करार दिया है। डीएम टिहरी ने यूटीडीबी को जांच रिपोर्ट भेजकर संबंधित कंपनियों और गाइड के लाइसेंस को निरस्त करने की सिफारिश की है।
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गौरतलब है कि बीती तीन जनवरी को दिल्ली निवासी भगवती वर्मन की राफ्टिंग के दौरान मौत के मामले को जिलाधिकारी सोनिका ने गंभीरता से लिया था। उन्होंने एसडीएम नरेंद्रनगर को बीते साल अक्टूबर और इस साल जनवरी की दोनों घटनाओं की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। एसडीएम की प्रारंभिक और उसके बाद विस्तृत जांच में भी कंपनियां व उनके गाइड दोषी पाए गए।
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क्या कहते हैं एसडीएम
एसडीएम नरेंद्रनगर लक्ष्मीराज चौहान के मुताबिक दोनों मामलों में राफ्टिंग कंपनी के संचालकों और गाइड की लापरवाही सामने आई है। प्रारंभिक और विस्तृत जांच रिपोर्ट को यूटीडीबी को कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है, जिसमें डीएम की ओर से उनके लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की गई है।
कोट्स
जांच में राफ्टिंग कंपनियों और उनके गाइड की लापरवाही सामने आई है। मामले में कार्रवाई की सिफारिश कर इसकी रिपोर्ट यूटीडीबी को भेज दी गई है। अब आगे की कार्रवाई बोर्ड की ओर से ही की जानी है।
- सोनिका, डीएम, टिहरी गढ़वाल