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हड़ताल से चरमराई तहसील और पुलिस की व्यवस्था

Tue, 13 Mar 2018 01:44 AM IST
Updated Tue, 13 Mar 2018 01:44 AM IST
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हड़ताल से चरमराई तहसील और पुलिस की व्यवस्था
ब्यूरो/अमर उजाला/कालसी।
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राजस्व निरीक्षकों और उप निरीक्षकों के हड़ताल से जौनसार बावर परगना के तीनों तहसील क्षेत्र की व्यवस्था चरमरा गई है। हड़ताल के कारण सोमवार को प्रमाण पत्र, मुआवजा, राजस्व वाद, सीमांकन आदि के कार्यों के लिए तहसील पहुंचे लोगों को निराश लौटना पड़ा। कर्मचारियों ने मांगें पूरी न होने तक आंदोलन की चेतावनी दी है। इस दौरान कर्मचारियों ने राजस्व निरीक्षक, उप निरीक्षक राजस्व सेवक संघ के बैनर तले प्रदेश सरकार के खिलाफ कालसी स्थित तहसील मुख्यालय में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
संघ के जिलाध्यक्ष तिलकराम जोशी ने कहा कि लंबे समय से कर्मचारी नायब तहसीलदार के रिक्त पदों को डीपीसी के माध्यम से भरने, प्रशिक्षु राजस्व उपनिरीक्षकों का परीक्षा परिणाम घोषित करने और राजस्व निरीक्षक प्रशिक्षण की मांग कर रहे हैं, लेकिन मांगों को अनसुना किया जा रहा है। इसके अलावा जौनसार बावर की कालसी, चकराता और त्यूनी तहसील क्षेत्र में कानूनगो के चार में से तीन और राजस्व उपनिरीक्षकों के 13 पद रिक्त पड़े हैं। इन पदों पर भी नियुक्ति नहीं की जा रही है।
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प्रदर्शन करने वालों में मोती लाल जिनाटा, मुन्ना सिंह चौहान, पंचम सिंह नेगी, घुटन सिंह चौहान, केशव दत्त जोशी, ईश्वरी दत्त शर्मा, श्याम सिंह तोमर, जीवन सिंह, राधेश्याम बिजल्वाण, जियालाल शर्मा, कमलेश शर्मा, गुलशन हैदर, प्यारे राम, जगत राम शर्मा, केशव दत्त जोशी, साधू सिंह, अनिल, अजब सिंह, नारायण सिंह, मदन सिंह, चंदराम, गीता, मंती देवी, सुशीला देवी आदि शामिल रहे।
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ये काम-काज हुए प्रभावित
जौनसार बावर क्षेत्र कालसी, चकराता और त्यूनी तहसील क्षेत्र में बंटा हुआ है। कालसी में 169, चकराता में 140 और त्यूनी में 53 राजस्व गांव हैं। इनमें से 148 राजस्व गांव को छोड़ अन्य गांव में पूरी पुलिस व्यवस्था राजस्व निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों के कंधे पर है। इसके अलावा राजस्व उपनिरीक्षक हैसियत, वारिसान, चरित्र, जाति, निवास प्रमाण पत्र जारी करने का काम करते हैं। दाखिल-खारिज, मुआवजा आदि बनाने का काम भी इन्हीं के पास है। हड़ताल के चलते सभी काम पूरी तरह से प्रभावित हैं।

धरनास्थल पर पड़ी फूट
धरनास्थल पर प्रदर्शन के दौरान राजस्व उपनिरीक्षकों में फूट पड़ गई। जिन्हें वरिष्ठ सदस्यों ने समझा-बुझा कर शांत किया। एक धड़ा यह कहकर संघ के पदाधिकारियों पर आरोप लगाने लगा कि हड़ताल से पूर्व सभी कर्मचारियों की सलाह नहीं ली गई। चंद लोग अपनी मर्जी से संघ को चला रहे हैं। जिलाध्यक्ष तिलक राम जोशी ने कहा कि हड़ताल से पूर्व सभी सदस्यों की सलाह ली गई थी। कुछ सदस्यों में गलतफहमी हो गई थी। जिसे दूर कर लिया गया है।
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हड़ताल के चलते लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। इसके लिए नायब तहसीलदार को व्यवस्था संभालने के निर्देश दिए गए हैं।
-बृजेश कुमार तिवारी उपजिलाधिकारी
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