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मंत्री जी, दुर्गम क्षेत्रों में कैसे बेहतर होगी प्राथमिक शिक्षा
Updated Wed, 07 Mar 2018 01:32 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
नरेन्द्रनगर ब्लॉक स्थित दोगी पट्टी के राजकीय प्राथमिक विद्यालय कुथ्या के बच्चों ने मंगलवार को अपनी बाल पत्रिका ‘कोहिनूर’ के दूसरे भाग के लिए उत्तराखंड के कृषि मंत्री सुबोध उनियाल का पहाड़ से पलायन, शिक्षा जैसे कई अहम मुद्दों पर साक्षात्कार लिया। बच्चे सहायक अध्यापक प्रमोद चमोली के साथ मंगलवार को देहरादून में कृषि मंत्री सुबोध उनियाल के आवास पर आयोजित जनता दरबार में पहुंचे थे।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय कुथ्या के कक्षा पांच के छात्र आशीष चौहान और छात्रा शीतल ने कृषि मंत्री से पहाड़ों में विकास और शिक्षा को लेकर कोहिनूर के लिए कई गंभीर सवाल पूछे। शीतल ने पूछा कि रोजगार की कमी और बेहतर शिक्षा व्यवस्था का नहीं होना राज्य से पलायन की मुख्य वजह है, इस पर उनका क्या मानना है। आशीष ने उनसे दुर्गम क्षेत्र में पढ़ रहे बच्चों के लिए संदेश देने की अपील की। साक्षात्कार के दौरान कृषि मंत्री ने बच्चों के प्रत्येक सवाल का जवाब दिया। कृषि मंत्री बताया कि सरकार स्कूलों में अंग्रेजी पैटर्न लागू करने को लेकर जोर दे रही है। कृषि मंत्री कहा कि मैंने भी नरेन्द्रनगर के राजकीय प्राथमिक विद्यालय से पढ़ते हुए सरकारी विद्यालय से इंटरमीडिएट पास किया और फिर आगे की पढ़ाई के लिए इलाहाबाद चला गया। वहां से पोस्ट ग्रेजुएट करने के बाद छात्र राजनीति में प्रवेश किया। इस दौरान मंत्री सुबोध उनियाल ने विद्यालय के सहायक अध्यापक प्रमोद चमोली द्वारा किए जा रहे रचनात्मक कार्यों की सराहना भी की।
मंत्री के टिप्स से प्रसन्न हुए बच्चे
कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने बच्चों को दोगी क्षेत्र, टिहरी व अन्य जिलों से पढ़कर बने बड़े अफसरों का उदाहरण देते हुए कहा कि हम मेहनत करते हैं, तो ही हम सफल होते हैं। इस दौरान बच्चों के बेबाक सवालों से प्रभावित होकर बच्चों को पुरस्कार स्वरूप नकद धनराशि भी दी।
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उम्र नन्हीं और सवाल बड़े
-आप राज्य के कृषि मंत्री बनने पर कैसा महसूस करते हैं।
-इस पद पर आने से पूर्व राजनीतिक जीवन के बारे में कुछ बताइए।
-भारी जनसमर्थन और बहुमत से जीतकर बनी भाजपा की सरकार ने अभी दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में प्राथमिक शिक्षा के विकास के लिए क्या-क्या कार्य किए हैं और आगे क्या योजनाएं हैं।
-प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार, बेहतर चिकित्सा के अलावा शिक्षा भी पलायन का एक बड़ी वजह है। आपका क्या मानना है?
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नरेन्द्रनगर ब्लॉक स्थित दोगी पट्टी के राजकीय प्राथमिक विद्यालय कुथ्या के बच्चों ने मंगलवार को अपनी बाल पत्रिका ‘कोहिनूर’ के दूसरे भाग के लिए उत्तराखंड के कृषि मंत्री सुबोध उनियाल का पहाड़ से पलायन, शिक्षा जैसे कई अहम मुद्दों पर साक्षात्कार लिया। बच्चे सहायक अध्यापक प्रमोद चमोली के साथ मंगलवार को देहरादून में कृषि मंत्री सुबोध उनियाल के आवास पर आयोजित जनता दरबार में पहुंचे थे।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय कुथ्या के कक्षा पांच के छात्र आशीष चौहान और छात्रा शीतल ने कृषि मंत्री से पहाड़ों में विकास और शिक्षा को लेकर कोहिनूर के लिए कई गंभीर सवाल पूछे। शीतल ने पूछा कि रोजगार की कमी और बेहतर शिक्षा व्यवस्था का नहीं होना राज्य से पलायन की मुख्य वजह है, इस पर उनका क्या मानना है। आशीष ने उनसे दुर्गम क्षेत्र में पढ़ रहे बच्चों के लिए संदेश देने की अपील की। साक्षात्कार के दौरान कृषि मंत्री ने बच्चों के प्रत्येक सवाल का जवाब दिया। कृषि मंत्री बताया कि सरकार स्कूलों में अंग्रेजी पैटर्न लागू करने को लेकर जोर दे रही है। कृषि मंत्री कहा कि मैंने भी नरेन्द्रनगर के राजकीय प्राथमिक विद्यालय से पढ़ते हुए सरकारी विद्यालय से इंटरमीडिएट पास किया और फिर आगे की पढ़ाई के लिए इलाहाबाद चला गया। वहां से पोस्ट ग्रेजुएट करने के बाद छात्र राजनीति में प्रवेश किया। इस दौरान मंत्री सुबोध उनियाल ने विद्यालय के सहायक अध्यापक प्रमोद चमोली द्वारा किए जा रहे रचनात्मक कार्यों की सराहना भी की।
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मंत्री के टिप्स से प्रसन्न हुए बच्चे
कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने बच्चों को दोगी क्षेत्र, टिहरी व अन्य जिलों से पढ़कर बने बड़े अफसरों का उदाहरण देते हुए कहा कि हम मेहनत करते हैं, तो ही हम सफल होते हैं। इस दौरान बच्चों के बेबाक सवालों से प्रभावित होकर बच्चों को पुरस्कार स्वरूप नकद धनराशि भी दी।
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उम्र नन्हीं और सवाल बड़े
-आप राज्य के कृषि मंत्री बनने पर कैसा महसूस करते हैं।
-इस पद पर आने से पूर्व राजनीतिक जीवन के बारे में कुछ बताइए।
-भारी जनसमर्थन और बहुमत से जीतकर बनी भाजपा की सरकार ने अभी दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में प्राथमिक शिक्षा के विकास के लिए क्या-क्या कार्य किए हैं और आगे क्या योजनाएं हैं।
-प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार, बेहतर चिकित्सा के अलावा शिक्षा भी पलायन का एक बड़ी वजह है। आपका क्या मानना है?