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स्थायी राजधानी घोषित होने तक जारी रहेगा उक्रांद का आंदोलन
Updated Mon, 05 Mar 2018 10:56 PM IST
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श्रीनगर। उत्तराखंड क्रांति दल ने प्रदेश की स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया है। इसके अलावा राज्य हित में उत्तराखंड को 5000 करोड़ रुपये ग्रीन बोनस के रूप में देने की मांग की है।
सोमवार को उक्रांद का दो दिवसीय गढ़वाल मंडल सम्मेलन संपन्न हो गया है। सम्मेलन में मुख्य तौर पर 20 मार्च को गैरसैंण विधान सभा घेराव कार्यक्रम की रणनीति बनाने पर चर्चा की गई। कहा गया कि प्रदेश सरकार 20 मार्च से शुरू हो रहे विधान सभा सत्र में गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की घोषणा कर दे।
वक्ताओं ने स्थायी निवास की व्यवस्था समाप्त करने और उत्तराखंड के मूल निवासियों को पूर्व की भांति मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की। सम्मेलन में 13 प्रस्ताव पारित करते हुए मूल निवासियों को मुफ्त पानी व बिजली देने, पलायन रोकने के लिए ठोस नीति, गौरा देवी/नंदा देवी कन्या धन योजना में बीपीएल परिवारों के लिए आईडी की व्यवस्था समाप्त करने, अस्थायी कर्मचारियों का नियमितीकरण, प्रदेश के बेरोजगारों को स्वरोजगारके लिए सरल किश्तों में ऋण उपलब्ध कराने, जंगली जानवरों से काश्तकारों को निजात दिलाने, बेरोजगारी भत्ता देने, जल विद्युत परियोजना में राज्य की भागीदारी 50 फीसदी करने, राज्य में पूर्णतया शराबबंदी लागू करने और किसानों का ऋण माफ करने की मांग की है।
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सम्मेलन की अध्यक्षता पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष त्रिवेंद्र पंवार ने की। इस अवसर पर पूर्व कबीना मंत्री दिवाकर भट्ट, केंद्रीय महामंत्री जय प्रकाश उपाध्याय, प्रदेश मीडिया प्रभारी देवेंद्र चमोली, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष किशोरी नंदन डोभाल, मदन मोहन नौटियाल, विष्णुपाल रावत, भगवान दास, जेठू लाल, जिलाध्यक्ष सुबोध पोखरियाल और गणेश भट्ट आदि उपस्थित थे।
सोमवार को उक्रांद का दो दिवसीय गढ़वाल मंडल सम्मेलन संपन्न हो गया है। सम्मेलन में मुख्य तौर पर 20 मार्च को गैरसैंण विधान सभा घेराव कार्यक्रम की रणनीति बनाने पर चर्चा की गई। कहा गया कि प्रदेश सरकार 20 मार्च से शुरू हो रहे विधान सभा सत्र में गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की घोषणा कर दे।
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वक्ताओं ने स्थायी निवास की व्यवस्था समाप्त करने और उत्तराखंड के मूल निवासियों को पूर्व की भांति मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की। सम्मेलन में 13 प्रस्ताव पारित करते हुए मूल निवासियों को मुफ्त पानी व बिजली देने, पलायन रोकने के लिए ठोस नीति, गौरा देवी/नंदा देवी कन्या धन योजना में बीपीएल परिवारों के लिए आईडी की व्यवस्था समाप्त करने, अस्थायी कर्मचारियों का नियमितीकरण, प्रदेश के बेरोजगारों को स्वरोजगारके लिए सरल किश्तों में ऋण उपलब्ध कराने, जंगली जानवरों से काश्तकारों को निजात दिलाने, बेरोजगारी भत्ता देने, जल विद्युत परियोजना में राज्य की भागीदारी 50 फीसदी करने, राज्य में पूर्णतया शराबबंदी लागू करने और किसानों का ऋण माफ करने की मांग की है।
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सम्मेलन की अध्यक्षता पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष त्रिवेंद्र पंवार ने की। इस अवसर पर पूर्व कबीना मंत्री दिवाकर भट्ट, केंद्रीय महामंत्री जय प्रकाश उपाध्याय, प्रदेश मीडिया प्रभारी देवेंद्र चमोली, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष किशोरी नंदन डोभाल, मदन मोहन नौटियाल, विष्णुपाल रावत, भगवान दास, जेठू लाल, जिलाध्यक्ष सुबोध पोखरियाल और गणेश भट्ट आदि उपस्थित थे।