{"_id":"5a9c54884f1c1b4f588bbdca","slug":"15201949277-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिज्ञासुओं ने योगाचार्यों से जाने योग विद्या के रहस्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिज्ञासुओं ने योगाचार्यों से जाने योग विद्या के रहस्य
Updated Mon, 05 Mar 2018 01:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/ऋषिकेश। अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के चौथे दिन परमार्थ निकेतन में ब्रह्ममुहूर्त से दोपहर बाद तक योग, ध्यान की विभिन्न कक्षाओं का संचालन किया गया, जिसमें योग विशेषज्ञों, आचार्यों ने योग साधकों, जिज्ञासुओं को विभिन्न यौगिक क्रियाओं का अभ्यास कराया व योग के रहस्यों से रूबरु कराया।
आश्रम परिसर में रविवार को सुबह चार बजे योग कक्षाओं की शुरुआत हुई। इस दौरान प्रात:कालीन सत्र में कुंडलिनी योग के योगाचार्य गुरुशब्द सिंह ने साधकों को कुंडलिनी योग साधना का अभ्यास कराया। योगीऋषि विश्वकेतु ने शिव भक्ति पावर योग, जापान के योगाचार्य हिकारु हाशिमोटो ने जेन योग, अमेरिका की योगाचार्य योशी ओनो ने भक्ति योग व केटी बी हैप्पी ने जिज्ञासु, साधकों को विन्यास योग का अभ्यास कराया। दूसरे सत्र में अमेरिका के योगाचार्य शेरोन गैनोन ने जीवमुक्ति योग का अभ्यास कराने के साथ ही साधकों को जीवमुक्ति योग के परिचय कराया। उन्होंने बताया कि मनुष्य के जीवन का एकमात्र उद्देश्य भगवान को हमेशा स्मरण में रखना और दूसरों के प्रति दयालु बने रहना है।
आध्यात्मिक सत्र में दक्षिण अमेरिका के स्वामी परमाद्धैति ने इनबाउंड योग विथ श्रीला पर प्रवचन दिए। बाली से आए डॉ. आंद्रे पेगे ने योग जिज्ञासुओं को एपिजेनेटिक्स यानि जीन फंक्शन में पैतृक अनुवांशिक परिवर्तन विषय पर व्याख्यान दिया। अमेरिका की डैफनी त्से ने योग ऑफ डांस एंड सोल व केटी फिशर ने हीलिंग साउंड बाथ का योग साधकों को विशेष अभ्यास कराया। दोपहर में ऋषिकेश मूल के चीन से आए योगाचार्य मोहन भंडारी ने कंधों के लिए साधकों को विशेष योग का अभ्यास कराया।
विज्ञापन
विज्ञापन
आश्रम परिसर में रविवार को सुबह चार बजे योग कक्षाओं की शुरुआत हुई। इस दौरान प्रात:कालीन सत्र में कुंडलिनी योग के योगाचार्य गुरुशब्द सिंह ने साधकों को कुंडलिनी योग साधना का अभ्यास कराया। योगीऋषि विश्वकेतु ने शिव भक्ति पावर योग, जापान के योगाचार्य हिकारु हाशिमोटो ने जेन योग, अमेरिका की योगाचार्य योशी ओनो ने भक्ति योग व केटी बी हैप्पी ने जिज्ञासु, साधकों को विन्यास योग का अभ्यास कराया। दूसरे सत्र में अमेरिका के योगाचार्य शेरोन गैनोन ने जीवमुक्ति योग का अभ्यास कराने के साथ ही साधकों को जीवमुक्ति योग के परिचय कराया। उन्होंने बताया कि मनुष्य के जीवन का एकमात्र उद्देश्य भगवान को हमेशा स्मरण में रखना और दूसरों के प्रति दयालु बने रहना है।
विज्ञापन
आध्यात्मिक सत्र में दक्षिण अमेरिका के स्वामी परमाद्धैति ने इनबाउंड योग विथ श्रीला पर प्रवचन दिए। बाली से आए डॉ. आंद्रे पेगे ने योग जिज्ञासुओं को एपिजेनेटिक्स यानि जीन फंक्शन में पैतृक अनुवांशिक परिवर्तन विषय पर व्याख्यान दिया। अमेरिका की डैफनी त्से ने योग ऑफ डांस एंड सोल व केटी फिशर ने हीलिंग साउंड बाथ का योग साधकों को विशेष अभ्यास कराया। दोपहर में ऋषिकेश मूल के चीन से आए योगाचार्य मोहन भंडारी ने कंधों के लिए साधकों को विशेष योग का अभ्यास कराया।
विज्ञापन