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घाटे के चलते बंद हुई देहरादून-लाखामंडल बस सेवा
Updated Fri, 02 Mar 2018 01:56 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/त्यूनी।
घाटे के चलते परिवहन निगम ने देहरादून-लाखामंडल रूट पर चलने वाली बस का संचालन बंद कर दिया। जिसके चलते अब इस रूट पर सफर करने वाले लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं।
बीते साल गुम्मा बस हादसे के बाद जुलाई में निगम ने देहरादून-लाखामंडल रूट पर बस सेवा का संचालन शुरू किया था। बस से कालसी, साहिया, चकराता, माख्टी, पोखरी, बुरास्वा, नागथात, क्वांसी, लाखामंडल समेत 50 से भी अधिक गांव की आबादी लाभान्वित होती थी। लेकिन 15 दिन पूर्व विभाग ने इस रूट पर यह कहते हुए बस का संचालन बंद कर दिया गया कि रूट पर बहुत कम सवारियां है। जिसके चलते निगम को घाटा उठाना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी शूरवीर डोभाल, बुलबुल थापा, बचना शर्मा, बाबूराम, राजेंद्र सिंह, नरेश, जगदीश, नरेंद्र, प्रताप आदि का कहना है कि बस सेवा से एक बड़ी आबादी को लाभ मिलता था। लेकिन एक साल से पहले ही विभाग ने बस सेवा को बंद कर दिया। सहायक महाप्रबंधक पूजा पैरो ने बताया कि निगम को हर दिन 6000 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा था। मजबूरी में निगम को बस सेवा का संचालन बंद करने का निर्णय लेना पड़ा।
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घाटे के चलते परिवहन निगम ने देहरादून-लाखामंडल रूट पर चलने वाली बस का संचालन बंद कर दिया। जिसके चलते अब इस रूट पर सफर करने वाले लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं।
बीते साल गुम्मा बस हादसे के बाद जुलाई में निगम ने देहरादून-लाखामंडल रूट पर बस सेवा का संचालन शुरू किया था। बस से कालसी, साहिया, चकराता, माख्टी, पोखरी, बुरास्वा, नागथात, क्वांसी, लाखामंडल समेत 50 से भी अधिक गांव की आबादी लाभान्वित होती थी। लेकिन 15 दिन पूर्व विभाग ने इस रूट पर यह कहते हुए बस का संचालन बंद कर दिया गया कि रूट पर बहुत कम सवारियां है। जिसके चलते निगम को घाटा उठाना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी शूरवीर डोभाल, बुलबुल थापा, बचना शर्मा, बाबूराम, राजेंद्र सिंह, नरेश, जगदीश, नरेंद्र, प्रताप आदि का कहना है कि बस सेवा से एक बड़ी आबादी को लाभ मिलता था। लेकिन एक साल से पहले ही विभाग ने बस सेवा को बंद कर दिया। सहायक महाप्रबंधक पूजा पैरो ने बताया कि निगम को हर दिन 6000 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा था। मजबूरी में निगम को बस सेवा का संचालन बंद करने का निर्णय लेना पड़ा।
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