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योग से ही वन सकता है दुनिया में शांति का माहौल

Fri, 02 Mar 2018 01:24 AM IST
Updated Fri, 02 Mar 2018 01:24 AM IST
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योग से ही वन सकता है दुनिया में शांति का माहौल
ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
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मुनिकीरेती स्थित गंगा रिजॉर्ट में सप्ताहव्यापी इंटरनेशनल योगा वीक का शुभारंभ मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल आदि ने संयुक्तरूप से किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि योग के माध्यम से ही विश्व को अहिंसा व शांति के मार्ग पर प्रशस्त किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग से ही दुनिया को रोग मुक्त रखने के साथ ही दुनिया में हिंसा की बढ़ती प्रवृत्ति को खत्म कर शांति का संदेश दिया जा सकता है। योग के रहस्यों को हिंदी व अंग्रेजी में नहीं समझा जा सकता। लिहाजा योग के मूल तत्व को समझने के लिए हमें भाषाओं की जननी संस्कृत को जानना होगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें देश-दुनिया से उत्तराखंड में आने वाले अतिथियों को देवतुल्य समझना चाहिए और उनसे सद्व्यवहार करना चाहिए। इससे योग के साथ ही हमारी संस्कृति को भी विश्व में अलग पहचान मिलेगी।
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पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि वर्तमान में दुनियाभर में योग का माहौल बना है और लोग जाति, धर्म, देश की सीमाओं को लांघकर भारतीय योग विद्या को अपना रहे हैं। योग के ज्ञान व आध्यात्म के प्रचार से ही भारत विश्व गुरु बन सकता है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के देशों से सारी तकनीक लेता है, लेकिन हमारा देश ही विश्व को योग की तालीम दे सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सप्ताहव्यापी योग शिविर में शामिल हो रहे देसी विदेशी साधक आध्यात्मिक गुरुओं व योग के विद्वानों से बेहतर तालीम लेंगे।
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वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि उन्होंने वर्ष 1991-92 में उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह की सरकार के समय पर्यटन राज्यमंत्री रहते हुए तीर्थनगरी में इंटरनेशनल योगा वीक की शुरुआत की थी। इसके बाद से लगातार हो रहे आयोजन से योग का विश्व फलक पर प्रचार प्रसार हुआ है। उन्होंने कहा कि वन विभाग क्षेत्र में पर्यटन विकास की दिशा में भी कार्य करेगा। इस दौरान डॉ. रावत ने योग महोत्सव के आयोजन के लिए वन निगम की ओर से पर्यटन विभाग को 50 लाख की धनराशि देने की घोषणा भी की। विधासनसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि हमारे योग शिक्षक दुनिया के देशों में लोगों को योग का दर्शन कराने में जुटे हैं। कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड योग की जननी है लिहाजा यहां के लोगों का योग के प्रति मातृत्व भाव होना जरूरी है। लिहाजा स्थानीय लोगों को राजदूत के तौर पर योग की सेवा में जुटना होगा।
इस अवसर पर पद्मश्री भारत भूषण, स्वामी जयानंद, विश्वपाल जयंत, पर्यटन सचिव व कमिश्नर दिलीप जावलकर, बदरीनाथ विधायक महेंद्र प्रसाद भट्ट, डॉ. बीके मोदी, प्रेम बाबा, अपर सचिव पर्यटन ज्योति नीरज खैरवाल, मोहन सिंह बर्निया, जीएमवीएन के जीएम बीएल राणा, राकेश सेंगर, जिलाधिकारी टिहरी सोनिका, एसएसपी विमला गुंज्याल, नगर पालिका अध्यक्ष शिवमूर्ति कंडवाल, ज्ञान सिंह नेगी, कुसुम कंडवाल, ऊषा रावत, बचन पोखरियाल, जयप्रकाश कोठारी, विवेक चौहान, वाईएस गंगवार, अनीता ममगाईं, विपिन पंत, विनोद कुकरेती, राजेंद्र भंडारी, प्रदीप धस्माना, बीना जोशी, अक्षत गोयल, पंकज भट्ट, इंदिरा आर्य, जगमोहन भंडारी आदि मौजूद रहे।
मैंने युवावस्था में ली थी योग की तालीम
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि उन्होंने 1985 में 25 वर्ष की अवस्था में बेंगलूरू में आयोजित दस दिवसीय योग शिविर में योगाचार्य वीके आयंगर के सानिध्य में भारतीय योग विद्या की तालीम ली थी। योगाचार्य आयंगर ने योग की अनेक विधाओं में कार्य कर विश्व को अवगत कराया है।
सीएम बोले, हां मैं शिव भक्त हूं
आस्ट्रेलिया यात्रा पर कुछ लोगों के साथ गए। जिनमें एक जगह उनके साथ के लोग सूटबूट टाई पहने हुए थे, जबकि वह स्वयं कुर्ता पायजामा पहने हुए थे। मेरी धारणा थी कि वहां सभी लोग हमारे देश को जानते होंगे। वहां पर कुछ विदेशी नागरिकों ने आकर पूछा कि क्या आप शिवभक्त हैं। तो मैंने जवाब दिया हां मैं शिव भक्त हूं। उनकी जिज्ञासा बढ़ी और पूछा कि आप कहां से आए हैं। तो मैंने कहा देहरादून से। जिस पर उन्होंने सवाल किया कि देहरादून कहां है, तो मैंने बताया ऋषिकेश में। इसके बाद वे समझ पाए।
रामदेव व मोदी ने योग को बनाया विश्वव्यापी
योगा वीक के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि योग गुरु बाबा रामदेव व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को विश्व में पहचान दिलाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की योग विद्या से बाबा ने दुनिया तक पहुंचाया। पीएम मोदी ने 27 सितंबर 2014 को पीएम ने यूनाइटेड नेशनल की जनरल असेंबली में योग के जरिए विश्वभर को निरोगी रखने के लिए विश्व योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था, जिस पर 11 दिसंबर को मुहर लगाई गई थी। इसके बाद से 2015 से हरसाल 21 जून को विश्व योग दिवस मनाया जाता है। वन मंत्री डॉ. हरक सिंह ने कहा कि बाबा रामदेव व पीएम मोदी ने योग विद्या को उत्तराखंड की कंदराओं से दुनिया तक फैलाने का कार्य किया है।
पद्मश्री ने प्रस्तुत किया योग गीत
इंटरनेशनल योगा वीक के उद्घाटन सत्र के समापन पर पद्मश्री योगाचार्य भारत भूषण ने योग गीत योग विद्या की छाया में आओ तुम्हें योग विद्या अभय दान देगी...गीत प्रस्तुत कर योग की महिमा का बखान किया।

रुद्राक्ष के पौधे भेंट कर दिया संदेश
समारोह में पर्यटन विभाग की ओर से सभी अतिथियों को रुद्राक्ष के पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इस दौरान विभाग की ओर से मंच पर मौजूद सभी लोगों को पौधे दिए गए।
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