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वेदों को अपना जीवन को उन्नत और समृद्ध बना सकता है मनुष्य
Updated Sun, 25 Feb 2018 02:12 AM IST
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ब्यूरो/विकासनगर।
मुख्य बाजार स्थित आर्य समाज मंदिर में चल रहे महर्षि दयानंद जयंती और बोधोत्सव कार्यक्रम का शनिवार को हवन के साथ समापन हो गया। हवन आहुति देकर विश्व कल्याण की कामना की गई। हवन आचार्य वीरेंद्र शास्त्री के निर्देशन में हुआ।
उन्होंने बताया कि वेदों में जीवन का सार छिपा हुआ है। वेदों को अपना कर मनुष्य अपने जीवन को उन्नत और समृद्ध बना सकता है। दयानंद सरस्वती का आगमन घोर रूढ़िवादिता के दौर में हुआ। उन्होंने समाज में फैली व्यापक कुरीतियों को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सारा जगत परमात्मा के प्रकाश से चेतन है। पं. राजवीर आर्य ने भजनों से संगत को निहाल कर दिया। इस मौके पर हरिकिशोर, धनंजय, डॉ. प्रवेश गुप्ता, डॉ. सुरेंद्र सैनी, प्रेमसागर वर्मा, अभ्युदय, रमन ढंग, नंदिनी, सोनिका, विमला, सावित्री, दिव्या, ईश्वर मेहंदीरत्ता, विजय, डॉ. सोनाक्षी, सीमा, कमलेश, मीनू, पुष्पा चुग, रश्मि, प्राणनाथ खुल्लर, ज्ञानचंद गुप्त, दयानंद तिवारी, गंभीर सिंह, अमित, अजीत पाल, जितेंद्र नेगी, यश, दीपक आदि मौजूद रहे।
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मुख्य बाजार स्थित आर्य समाज मंदिर में चल रहे महर्षि दयानंद जयंती और बोधोत्सव कार्यक्रम का शनिवार को हवन के साथ समापन हो गया। हवन आहुति देकर विश्व कल्याण की कामना की गई। हवन आचार्य वीरेंद्र शास्त्री के निर्देशन में हुआ।
उन्होंने बताया कि वेदों में जीवन का सार छिपा हुआ है। वेदों को अपना कर मनुष्य अपने जीवन को उन्नत और समृद्ध बना सकता है। दयानंद सरस्वती का आगमन घोर रूढ़िवादिता के दौर में हुआ। उन्होंने समाज में फैली व्यापक कुरीतियों को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सारा जगत परमात्मा के प्रकाश से चेतन है। पं. राजवीर आर्य ने भजनों से संगत को निहाल कर दिया। इस मौके पर हरिकिशोर, धनंजय, डॉ. प्रवेश गुप्ता, डॉ. सुरेंद्र सैनी, प्रेमसागर वर्मा, अभ्युदय, रमन ढंग, नंदिनी, सोनिका, विमला, सावित्री, दिव्या, ईश्वर मेहंदीरत्ता, विजय, डॉ. सोनाक्षी, सीमा, कमलेश, मीनू, पुष्पा चुग, रश्मि, प्राणनाथ खुल्लर, ज्ञानचंद गुप्त, दयानंद तिवारी, गंभीर सिंह, अमित, अजीत पाल, जितेंद्र नेगी, यश, दीपक आदि मौजूद रहे।
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