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विषय विशेषज्ञों ने पृथ्वी पर जीवन की उत्पति के बारे में बताया
Updated Sat, 24 Feb 2018 10:44 PM IST
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श्रीनगर। गढ़वाल विवि के सीनेट हॉल में स्टूडेंट साइंस फोरम की ओर से पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया। सेमिनार में छात्रों को पृथ्वी की उत्पत्ति एवं जीवन के विकास के विभिन्न सिद्धांतों के बारे में समझाया गया।
शनिवार को आयोजित सेमिनार में पक्षी विशेषज्ञ डा. बीएस भंडारी ने पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति के बारे में मेंडल के आनुवांशिकता के सिद्धांत पर प्रकाश डाला। जबकि डा. जीके जोशी ने डार्विन के सिद्धांतों के नए-नए प्रयोगों के बारे में जानकारी दी। कोलकाता के ब्रेकथ्रू साइंस सोसाइटी से सेमिनार में पहुंचे चंचल घोष ने पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति के बारे में बताते हुए कहा कि किस प्रकार पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति हुई। घोष ने प्रोजेक्टर के माध्यम से छात्र-छात्राओं को बताया कि किस प्रकार आग के गोले से पृथ्वी धीरे-धीरे ठंडी होकर इसमें जलवायु परिवर्तन हुआ। घोष ने पृथ्वी पर हवा, पानी व एक कोशकीय जीवों से बहु कोशकीय जीवों के निर्माण के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। घोष ने छात्र-छात्राओं से अपील की है कि विज्ञान को अवैज्ञानिक भ्रांतियों की ओर न ले जाकर सही वैज्ञानिक एवं तार्किक दृष्टिकोण की ओर ले जाएं। इस मौके पर सचिन, कुसुम पांडे, सूरज सिंह आदि मौजूद थे।
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शनिवार को आयोजित सेमिनार में पक्षी विशेषज्ञ डा. बीएस भंडारी ने पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति के बारे में मेंडल के आनुवांशिकता के सिद्धांत पर प्रकाश डाला। जबकि डा. जीके जोशी ने डार्विन के सिद्धांतों के नए-नए प्रयोगों के बारे में जानकारी दी। कोलकाता के ब्रेकथ्रू साइंस सोसाइटी से सेमिनार में पहुंचे चंचल घोष ने पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति के बारे में बताते हुए कहा कि किस प्रकार पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति हुई। घोष ने प्रोजेक्टर के माध्यम से छात्र-छात्राओं को बताया कि किस प्रकार आग के गोले से पृथ्वी धीरे-धीरे ठंडी होकर इसमें जलवायु परिवर्तन हुआ। घोष ने पृथ्वी पर हवा, पानी व एक कोशकीय जीवों से बहु कोशकीय जीवों के निर्माण के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। घोष ने छात्र-छात्राओं से अपील की है कि विज्ञान को अवैज्ञानिक भ्रांतियों की ओर न ले जाकर सही वैज्ञानिक एवं तार्किक दृष्टिकोण की ओर ले जाएं। इस मौके पर सचिन, कुसुम पांडे, सूरज सिंह आदि मौजूद थे।
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