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बदहाली पर आंसू बहा रहा हनोल स्थित पीपल पार्क
Updated Wed, 21 Feb 2018 01:56 AM IST
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ब्यूरो/त्यूनी।
वन विभाग की उदासीनता से महासू नगरी हनोल में स्थापित पीपल पार्क इन दिनों बदहाली पर आंसू बहा रहा है। देखरेख के अभाव में पार्क में झाड़ियां उग आई है। पार्क को जाने वाली सीढ़ियां और बेंचें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
वर्ष 2011-12 में राज्य कैंपा निधि से सात लाख की लागत से हनोल गांव में इस पार्क का निर्माण किया गया। पार्क निर्माण का उद्देश्य अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करना था, लेकिन साल 2013 की आपदा से पार्क के बड़े भू-भाग को बहुत क्षति पहुंची। पार्क को जाने वाली सीढ़ियां जगह-जगह से टूट गई। पर्यटकों के बैठने के लिए बनाई गई बेंचों का भी कमोवेश यही हाल हुआ। बीते पांच साल से पार्क पूरी तरह से बदहाल पड़ा है। वीरपाल, नागचंद, अनिल, कपिल आदि का कहना है कि पार्क निर्माण से लोगों में रोजगार की उम्मीद जगी थी, लेकिन अब पार्क बदहाली के चलते यह उम्मीद अब धूमिल होने लगी है। कोई भी पर्यटक पार्क के अंदर जाना पसंद नहीं करता। महासू देवता के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु यहां रुक कर अपनी थकान उतारते थे, लेकिन अब पार्क में झाड़ियां ही झाड़ियां हैं। रेंजाधिकारी दिनेेश चंद्र नौटियाल ने बताया कि पार्क की मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। बजट की स्वीकृति मिलते ही पार्क की मरम्मत कराई जाएगी।
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वन विभाग की उदासीनता से महासू नगरी हनोल में स्थापित पीपल पार्क इन दिनों बदहाली पर आंसू बहा रहा है। देखरेख के अभाव में पार्क में झाड़ियां उग आई है। पार्क को जाने वाली सीढ़ियां और बेंचें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
वर्ष 2011-12 में राज्य कैंपा निधि से सात लाख की लागत से हनोल गांव में इस पार्क का निर्माण किया गया। पार्क निर्माण का उद्देश्य अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करना था, लेकिन साल 2013 की आपदा से पार्क के बड़े भू-भाग को बहुत क्षति पहुंची। पार्क को जाने वाली सीढ़ियां जगह-जगह से टूट गई। पर्यटकों के बैठने के लिए बनाई गई बेंचों का भी कमोवेश यही हाल हुआ। बीते पांच साल से पार्क पूरी तरह से बदहाल पड़ा है। वीरपाल, नागचंद, अनिल, कपिल आदि का कहना है कि पार्क निर्माण से लोगों में रोजगार की उम्मीद जगी थी, लेकिन अब पार्क बदहाली के चलते यह उम्मीद अब धूमिल होने लगी है। कोई भी पर्यटक पार्क के अंदर जाना पसंद नहीं करता। महासू देवता के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु यहां रुक कर अपनी थकान उतारते थे, लेकिन अब पार्क में झाड़ियां ही झाड़ियां हैं। रेंजाधिकारी दिनेेश चंद्र नौटियाल ने बताया कि पार्क की मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। बजट की स्वीकृति मिलते ही पार्क की मरम्मत कराई जाएगी।
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