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गजब: दो कमरों में चल रही आठ कक्षाएं
Updated Sun, 04 Feb 2018 02:04 AM IST
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गजब: दो कमरों में चल रही आठ कक्षाएं
- प्राइमरी में 80 छात्र व जूनियर हाईस्कूल में हैं 5 छात्र शिक्षणरत
- एक ही कक्षा में एक से अधिक शिक्षक पढ़ाते है बच्चों को
अमर उजाला ब्यूरो
त्यूनी।
एक ओर शिक्षा विभाग चकराता प्रखंड के सरकारी स्कूलों में प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के दावे करता है तो दूसरी ओर, दावे ठीक इसके उलट नजर आते हैं। दुर्गम क्षेत्र में बसे प्राथमिक विद्यालय एथाड़ की बात की जाए तो साल 2012 में विद्यालय का भवन पूरी तरह से जर्जर हो गया था। जिसके बाद स्कूल को जूनियर हाईस्कूल डांगूठा के दो कमरों में शिफ्ट कर दिया गया। वर्तमान में प्राइमरी में 80 छात्र अध्ययनरत हैं तो, जूनियर हाईस्कूल में 05 छात्र शिक्षणरत है। ऐसे में दो कमरों में ही कक्षाओं का संचालन होने से यहां पर छात्रों के स्वर गूंजते नहीं, बल्कि आपस में टकराते हैं। जिससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि विद्यालय में बच्चों को किस प्रकार गुणवत्तापरक शिक्षा मिल रही है। दोनों विद्यालयों के प्रधानाध्यापक लगातार विभाग को विद्यालयों की स्थिति की जानकारी दे रहे हैं, लेकिन अधिकारियों को शायद बच्चों की शिक्षा से कुछ लेना-देना नहीं है।
बच्चों की परेशानी
विद्यालय के एक कमरे में कक्षा एक-पांच तक तो दूसरे में जूनियर हाईस्कूल की कक्षा छह से आठ तक की कक्षाएं चल रही है। ऐसे जब एक ही कक्ष में एक से अधिक शिक्षक पढ़ाते हैं तो बच्चों का ध्यान भंग हो जाता है। उनकी समझ में कुछ भी नहीं आता। शिक्षक तो कोर्स पूरा करा रहे हैं, लेकिन बच्चों के पल्ले कुछ नहीं पड़ रहा है। दोनों विद्यालयों में छात्रों का पठन-पाठन मात्र औपचारिकता बनकर रह गया है।
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प्राइमरी स्कूल के भवन निर्माण के लिए पैसा स्वीकृत हो गया है। विद्यालय भवन निर्माण भी शुरू हो गया है। जल्द ही स्कूल भवन में कक्षाओं का संचालन शुरू किया जाएगा।
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-मोहन लाल शर्मा, बीआरसी
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- प्राइमरी में 80 छात्र व जूनियर हाईस्कूल में हैं 5 छात्र शिक्षणरत
- एक ही कक्षा में एक से अधिक शिक्षक पढ़ाते है बच्चों को
अमर उजाला ब्यूरो
त्यूनी।
एक ओर शिक्षा विभाग चकराता प्रखंड के सरकारी स्कूलों में प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के दावे करता है तो दूसरी ओर, दावे ठीक इसके उलट नजर आते हैं। दुर्गम क्षेत्र में बसे प्राथमिक विद्यालय एथाड़ की बात की जाए तो साल 2012 में विद्यालय का भवन पूरी तरह से जर्जर हो गया था। जिसके बाद स्कूल को जूनियर हाईस्कूल डांगूठा के दो कमरों में शिफ्ट कर दिया गया। वर्तमान में प्राइमरी में 80 छात्र अध्ययनरत हैं तो, जूनियर हाईस्कूल में 05 छात्र शिक्षणरत है। ऐसे में दो कमरों में ही कक्षाओं का संचालन होने से यहां पर छात्रों के स्वर गूंजते नहीं, बल्कि आपस में टकराते हैं। जिससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि विद्यालय में बच्चों को किस प्रकार गुणवत्तापरक शिक्षा मिल रही है। दोनों विद्यालयों के प्रधानाध्यापक लगातार विभाग को विद्यालयों की स्थिति की जानकारी दे रहे हैं, लेकिन अधिकारियों को शायद बच्चों की शिक्षा से कुछ लेना-देना नहीं है।
बच्चों की परेशानी
विद्यालय के एक कमरे में कक्षा एक-पांच तक तो दूसरे में जूनियर हाईस्कूल की कक्षा छह से आठ तक की कक्षाएं चल रही है। ऐसे जब एक ही कक्ष में एक से अधिक शिक्षक पढ़ाते हैं तो बच्चों का ध्यान भंग हो जाता है। उनकी समझ में कुछ भी नहीं आता। शिक्षक तो कोर्स पूरा करा रहे हैं, लेकिन बच्चों के पल्ले कुछ नहीं पड़ रहा है। दोनों विद्यालयों में छात्रों का पठन-पाठन मात्र औपचारिकता बनकर रह गया है।
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प्राइमरी स्कूल के भवन निर्माण के लिए पैसा स्वीकृत हो गया है। विद्यालय भवन निर्माण भी शुरू हो गया है। जल्द ही स्कूल भवन में कक्षाओं का संचालन शुरू किया जाएगा।
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-मोहन लाल शर्मा, बीआरसी