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सिवाई के ग्रामीणों ने की एक समान मुआवजा देने की मांग
Updated Sat, 03 Feb 2018 10:08 PM IST
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कर्णप्रयाग। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के अंतिम स्टेशन सिवाई के ग्रामीणों ने एक परियोजना एक मुआवजे की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजा। ग्रामीणों ने कहा कि एक परियोजना में अधिग्रहीत होने वाली एक ही गांव की भूमि में अलग-अलग मुआवजा दिया जा रहा है, जिससे कई ग्रामीणों को भूमि का नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस दिशा में सकारात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।
सिवाई ग्राम संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे ज्ञापन में कहा कि रेल परियोजना के लिए ग्रामीणों ने सहर्ष अपनी कृषि और उपयोगी भूमि को देने पर सहमति पूर्व में प्रशासन को दी थी। ग्रामीणों को गौचर और अन्य स्थानों पर प्रशासन की ओर से दिए जा रहे भूमि के मुआवजे की धनराशि को सिवाई के ग्रामीणों को भी एक समान करने की मांग की थी, लेकिन इस दिशा में प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है। एक ही गांव में भूमि के अलग-अलग और न्यूनतम मुआवजे को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। उपजिलाधिकारी केएन गोस्वामी ने कहा कि नियमानुसार तय सर्किल रेट के हिसाब से ही मुआवजा बांटा जा रहा है। ज्ञापन में नंदन सिंह रावत, जय प्रकाश रावत, मातबर सिंह, भवान सिंह नेगी, संजय सिंह रावत, महिपाल सिंह और राधा देवी आदि के हस्ताक्षर हैं।
सिवाई ग्राम संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे ज्ञापन में कहा कि रेल परियोजना के लिए ग्रामीणों ने सहर्ष अपनी कृषि और उपयोगी भूमि को देने पर सहमति पूर्व में प्रशासन को दी थी। ग्रामीणों को गौचर और अन्य स्थानों पर प्रशासन की ओर से दिए जा रहे भूमि के मुआवजे की धनराशि को सिवाई के ग्रामीणों को भी एक समान करने की मांग की थी, लेकिन इस दिशा में प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है। एक ही गांव में भूमि के अलग-अलग और न्यूनतम मुआवजे को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। उपजिलाधिकारी केएन गोस्वामी ने कहा कि नियमानुसार तय सर्किल रेट के हिसाब से ही मुआवजा बांटा जा रहा है। ज्ञापन में नंदन सिंह रावत, जय प्रकाश रावत, मातबर सिंह, भवान सिंह नेगी, संजय सिंह रावत, महिपाल सिंह और राधा देवी आदि के हस्ताक्षर हैं।
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