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आपदा प्रभावित भ्याड़ी, छपाली व त्यूंला के 76 परिवारों के पुर्नवास की प्रक्रिया हुई तेज
Updated Sat, 13 Jan 2018 10:45 PM IST
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गोपेश्वर। जिले में फरकंडे और कनोल गांवों के बाद भ्याड़ी, छपाली और त्यूंला गांवों के पुनर्वास प्रक्रिया भी तेज हो गई है। जिला प्रशासन की ओर से तीनों आपदा प्रभावित गांवों के पुनर्वास के प्रस्ताव वित्तीय स्वीकृति के लिए शासन को भेज दिए गए हैं। जिला प्रशासन के अधिकारियों की माने तो आगामी मार्च माह तक भ्याड़ी, छपाली और त्यूंला का पुनर्वास कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
चमोली जिले में वर्ष 1992 के भूकंप के बाद से आज तक आई आपदाओं में कुल 79 गांव पुनर्वास की सूची में रखे गए, लेकिन प्रशासन की ओर से भूमि की उपलब्धता न होने की बात कहते हुए गांवों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई। ग्रामीणों की लगातार मांग पर वर्ष 2017 में जिले के गैरसैंण ब्लॉक के पहले आपदा प्रभावित फरकंडे गांव के 7 परिवारों का पुनर्वास किया गया। इसके बाद घाट ब्लॉक के कनोल गांव के 60 परिवारों का पुनर्वास प्रशासन ने करा दिया। अब जिला प्रशासन की ओर से भ्याड़ी, छपाली और त्यूंला के 76 परिवारों के पुनर्वास के प्रस्तावों को शासन में स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है। अब जिले में पुनर्वास का इंतजार कर रहे 77 गांवों के ग्रामीणों की भी पुनर्वास की आस जगी है। इनके साथ ही जिला प्रशासन की ओर से दशोली ब्लॉक के दुर्गापुर सहित अन्य सात आपदा प्रभावित गांवों के पुनर्वास के लिए भी प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं।
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कोट
जिले में आपदा प्रभावित गांवों के पुनर्वास की लंबी फेहरिस्त है। जिले के फरकंडे और कनोल गांवों को पुनर्वास के बाद भ्याड़ी, छपाली और त्यूंला गांवों के पुनर्वास के प्रस्ताव शासन को स्वीकृति के लिए भेजे गए हें। मार्च माह तक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। - आशीष जोशी, जिलाधिकारी, चमोली।
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