{"_id":"5a5254554f1c1b47198b56ba","slug":"1515345151520-gopeshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चमोली में डेढ़ साल से क्षतिग्रस्त पड़ी 20 सिंचाई नहरें, नहीं हो पा रही खेतों की सिंचाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चमोली में डेढ़ साल से क्षतिग्रस्त पड़ी 20 सिंचाई नहरें, नहीं हो पा रही खेतों की सिंचाई
Updated Sun, 07 Jan 2018 10:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोपेश्वर। चमोली जिले में वर्ष 2016 के जून की आपदा के बाद से बीस सिंचाई नहरें क्षतिग्रस्त पड़ी हुई हैं, जिससे ग्रामीण खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं।
जिले में 94 सिंचाई नहर हैं, जिनमें से बीस नहरें आपदा से क्षतिग्रस्त पड़ी हैं। दशोली ब्लॉक की रोपा-मैठाणा, टंगसा-पिलंग, गडोरा-मायापुर, सैकोट, मासैं और मंडल सिंचाई नहरें बीते डेढ़ साल से सूखी पड़ी हुई हैं। कर्णप्रयाग ब्लॉक की मंगरोली सिंचाई नहर भी आपदा के बाद से जगह-जगह क्षतिग्रस्त पड़ी हुई है। क्षेत्र पंचायत दशोली के पूर्व ब्लॉक प्रमुख नंदन सिंह बिष्ट का कहना है कि मंडल गदेरे में पानी पर्याप्त है, लेकिन नहर टूटी होने से खेत सूखे पड़े हैं। कहा गया कि कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों से भी नहरों की मरम्मत की मांग उठाई गई, लेकिन आज तक नहरों पर पानी सप्लाई नहीं हो पाया है। इधर, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता जगदीश प्रसाद थपलियाल का कहना है कि जिले में 20 सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त पड़ी हुई हैं। इनके मरम्मत के लिए बीते वर्ष मार्च में शासन से दो करोड़ की मांग की गई है, लेकिन हमें बजट नहीं मिल पाया है।
विज्ञापन
जिले में 94 सिंचाई नहर हैं, जिनमें से बीस नहरें आपदा से क्षतिग्रस्त पड़ी हैं। दशोली ब्लॉक की रोपा-मैठाणा, टंगसा-पिलंग, गडोरा-मायापुर, सैकोट, मासैं और मंडल सिंचाई नहरें बीते डेढ़ साल से सूखी पड़ी हुई हैं। कर्णप्रयाग ब्लॉक की मंगरोली सिंचाई नहर भी आपदा के बाद से जगह-जगह क्षतिग्रस्त पड़ी हुई है। क्षेत्र पंचायत दशोली के पूर्व ब्लॉक प्रमुख नंदन सिंह बिष्ट का कहना है कि मंडल गदेरे में पानी पर्याप्त है, लेकिन नहर टूटी होने से खेत सूखे पड़े हैं। कहा गया कि कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों से भी नहरों की मरम्मत की मांग उठाई गई, लेकिन आज तक नहरों पर पानी सप्लाई नहीं हो पाया है। इधर, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता जगदीश प्रसाद थपलियाल का कहना है कि जिले में 20 सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त पड़ी हुई हैं। इनके मरम्मत के लिए बीते वर्ष मार्च में शासन से दो करोड़ की मांग की गई है, लेकिन हमें बजट नहीं मिल पाया है।
विज्ञापन