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राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा व पूर्व विधायक गणेश गोदियाल ने दिया प्रजम को समर्थन
Updated Sat, 06 Jan 2018 10:33 PM IST
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श्रीनगर। शहर की तीन सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठे अनिल स्वामी का उपवास तुड़वाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने भरसक प्रयास किए, लेकिन बैरंग लौट गए। दूसरी ओर आंदोलन के समर्थन में व्यापार सभा ने 8 जनवरी को नगर के सभी प्रतिष्ठान बंद रखने का एलान किया है। व्यापार सभा के अलावा राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा व पूर्व विधायक गणेश गोदियाल ने आंदोलन को अपना समर्थन दिया है।
संयुक्त अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती, एनआइटी के स्थायी परिसर निर्माण व शुद्ध पेयजल योजना पर निर्माण कार्य शुरू किए जाने की मांगों के लिए प्रजम के अध्यक्ष अनिल स्वामी का अनिश्चित कालीन उपवास 5वें दिन भी जारी रहा। शनिवार को एडीएम रामजी शरण, एसडीएम मायादत्त जोशी व तहसीलदार सुनील राज ने अनशन स्थल पर पहुंच कर अनशनकारी अनिल स्वामी से अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया। एडीएम ने कहा कि जनपद में पांच डाक्टर शासन की ओर से भेज दिए गए हैं। जो जल्द ही तैनाती दे देंगे। स्थानीय स्तर पर डीएम ने संयुक्त चिकित्सालय के लिए दो डाक्टरों की व्यवस्था की है, लेकिन अनशनकारी अनिल स्वामी ने प्रशासनिक अधिकारियों के अनशन समाप्त करने के अनुरोध को ठुकरा दिया। स्वामी ने कहा कि जब तक मांग पूर्ण नहीं हो जाती अनशन जारी रहेगा। वहीं व्यापार सभा का कहना है कि शहर की समस्याओं के लिए चलाए जा रहे प्रजम के आंदोलन में उनका पूर्ण समर्थन है। 13वें दिन विनायक अग्रवाल, अभिषेक घिल्डियाल व मस्तान सिंह कठैत क्रमिक अनशन पर बैठे।
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विधायक और राज्यसभा सांसद ने दिया समर्थन
प्रजम के अध्यक्ष अनिल स्वामी की मुहिम को राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा और पूर्व विधायक व बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने समर्थन दिया है। टम्टा ने प्रजम के आंदोलन को सामाजिक आंदोलन बताया, वहीं गोदियाल ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार श्रेय लेने के चक्कर में जान बूझकर मामलों को उलझा रही है। राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा ने फोन पर अमर उजाला को बताया कि राज्य सरकार सभी को सुविधाएं देने की बात कह रही है। जबकि लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। ये राजनीतिक संघर्ष नहीं है। बावजूद सरकार इसे गंभीरता से नहीं ले रही है। सरकार को तत्काल स्थानीय निवसियों की मांग पर कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं शनिवार को पूर्व विधायक व बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल अनशन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का एक मात्र संयुक्त चिकित्सालय जोकि कांग्रेस सरकार के समय साधन एवं सुविधाओं से संपन्न था। भाजपा ने सत्ता में आते ही यहां से पांच चिकित्सकों का एक साथ स्थानांतरण कर दिया। गोदियाल ने मांगों के निस्तारण के लिए मुख्यमंत्री से शीघ्र हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। इस मौके पर अनशनकारी अनिल स्वामी के स्वास्थ्य परीक्षण को पहुंचे डा. लोकेश सलूजा ने उनका स्वास्थ्य सामान्य बताया।
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संयुक्त अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती, एनआइटी के स्थायी परिसर निर्माण व शुद्ध पेयजल योजना पर निर्माण कार्य शुरू किए जाने की मांगों के लिए प्रजम के अध्यक्ष अनिल स्वामी का अनिश्चित कालीन उपवास 5वें दिन भी जारी रहा। शनिवार को एडीएम रामजी शरण, एसडीएम मायादत्त जोशी व तहसीलदार सुनील राज ने अनशन स्थल पर पहुंच कर अनशनकारी अनिल स्वामी से अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया। एडीएम ने कहा कि जनपद में पांच डाक्टर शासन की ओर से भेज दिए गए हैं। जो जल्द ही तैनाती दे देंगे। स्थानीय स्तर पर डीएम ने संयुक्त चिकित्सालय के लिए दो डाक्टरों की व्यवस्था की है, लेकिन अनशनकारी अनिल स्वामी ने प्रशासनिक अधिकारियों के अनशन समाप्त करने के अनुरोध को ठुकरा दिया। स्वामी ने कहा कि जब तक मांग पूर्ण नहीं हो जाती अनशन जारी रहेगा। वहीं व्यापार सभा का कहना है कि शहर की समस्याओं के लिए चलाए जा रहे प्रजम के आंदोलन में उनका पूर्ण समर्थन है। 13वें दिन विनायक अग्रवाल, अभिषेक घिल्डियाल व मस्तान सिंह कठैत क्रमिक अनशन पर बैठे।
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विधायक और राज्यसभा सांसद ने दिया समर्थन
प्रजम के अध्यक्ष अनिल स्वामी की मुहिम को राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा और पूर्व विधायक व बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने समर्थन दिया है। टम्टा ने प्रजम के आंदोलन को सामाजिक आंदोलन बताया, वहीं गोदियाल ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार श्रेय लेने के चक्कर में जान बूझकर मामलों को उलझा रही है। राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा ने फोन पर अमर उजाला को बताया कि राज्य सरकार सभी को सुविधाएं देने की बात कह रही है। जबकि लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। ये राजनीतिक संघर्ष नहीं है। बावजूद सरकार इसे गंभीरता से नहीं ले रही है। सरकार को तत्काल स्थानीय निवसियों की मांग पर कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं शनिवार को पूर्व विधायक व बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल अनशन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का एक मात्र संयुक्त चिकित्सालय जोकि कांग्रेस सरकार के समय साधन एवं सुविधाओं से संपन्न था। भाजपा ने सत्ता में आते ही यहां से पांच चिकित्सकों का एक साथ स्थानांतरण कर दिया। गोदियाल ने मांगों के निस्तारण के लिए मुख्यमंत्री से शीघ्र हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। इस मौके पर अनशनकारी अनिल स्वामी के स्वास्थ्य परीक्षण को पहुंचे डा. लोकेश सलूजा ने उनका स्वास्थ्य सामान्य बताया।
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