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तकनीकी विवि में यूनिवर्सिटी-एकेडमिया इंडस्ट्री फोरम का शुभारंभ
Updated Sat, 17 Mar 2018 02:04 AM IST
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तकनीकी विवि में यूनिवर्सिटी-एकेडमिया इंडस्ट्री फोरम का शुभारंभ
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में शुक्रवार को यूनिवर्सिटी-एकेडमिया इंडस्ट्री फोरम की शुरुआत हो गई। इस फोरम का मकसद प्रदेश के इंजीनियरिंग करने वाले छात्रों को उद्योगों की डिमांड के हिसाब से तैयार करना है। उनके लिए स्किल डेवलपमेंट के रास्ते खोलना है। उन्हें स्टार्टअप की दिशा में आगे बढ़ाना है। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और प्रदेश के उद्योगपतियों ने इस फोरम की जरूरत और स्थापना का स्वागत किया।
तकनीकी विवि के कुलपति डा. यूएस रावत ने बताया कि तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत वर्ल्ड बैंक से 20 करोड़ रुपये बजट मिलना है, जिसमें से चार करोड़ रुपये जारी भी हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस बजट से तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में बड़े सुधार किए जाएंगे। इसी के तहत यूनिवर्सिटी-एकेडमिया इंडस्ट्री फोरम की स्थापना की गई है। इस फोरम का मकसद प्रदेश ही नहीं बाहरी राज्यों के उद्योगों को भी तकनीकी विवि से जोड़ना है। उनकी जरूरतों के हिसाब से भावी इंजीनियर तैयार करना है।
इस मौके पर उद्योगपति अशोक कुमार विंडलास ने कहा कि विवि की यह पहल निश्चित तौर पर आने वाले समय में काम की साबित होगी। एक्टिव हेल्थ टेक्नोलॉजी के सीईओ डॉ. बी ग्रेवाल ने आने वाले समय में उद्योगों की जरूरत और इंजीनियरिंग के भविष्य पर प्रकाश डाला। असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर डॉ. नरेश शर्मा ने फार्मा के क्षेत्र में नए बदलावों पर प्रकाश डाला। डीएसटी पॉलिसी रिसर्च के समन्वयक प्रो. आर तिवारी ने कहा कि सरकार ने शोध करने वालों के लिए कई अवसर दिए हैं। विश्वविद्यालयों को इनका इस्तेमाल करने की जरूरत है। इस मौके पर पंकज गुप्ता सहित कई उद्योगपति मौजूद रहे।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में शुक्रवार को यूनिवर्सिटी-एकेडमिया इंडस्ट्री फोरम की शुरुआत हो गई। इस फोरम का मकसद प्रदेश के इंजीनियरिंग करने वाले छात्रों को उद्योगों की डिमांड के हिसाब से तैयार करना है। उनके लिए स्किल डेवलपमेंट के रास्ते खोलना है। उन्हें स्टार्टअप की दिशा में आगे बढ़ाना है। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और प्रदेश के उद्योगपतियों ने इस फोरम की जरूरत और स्थापना का स्वागत किया।
तकनीकी विवि के कुलपति डा. यूएस रावत ने बताया कि तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत वर्ल्ड बैंक से 20 करोड़ रुपये बजट मिलना है, जिसमें से चार करोड़ रुपये जारी भी हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस बजट से तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में बड़े सुधार किए जाएंगे। इसी के तहत यूनिवर्सिटी-एकेडमिया इंडस्ट्री फोरम की स्थापना की गई है। इस फोरम का मकसद प्रदेश ही नहीं बाहरी राज्यों के उद्योगों को भी तकनीकी विवि से जोड़ना है। उनकी जरूरतों के हिसाब से भावी इंजीनियर तैयार करना है।
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इस मौके पर उद्योगपति अशोक कुमार विंडलास ने कहा कि विवि की यह पहल निश्चित तौर पर आने वाले समय में काम की साबित होगी। एक्टिव हेल्थ टेक्नोलॉजी के सीईओ डॉ. बी ग्रेवाल ने आने वाले समय में उद्योगों की जरूरत और इंजीनियरिंग के भविष्य पर प्रकाश डाला। असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर डॉ. नरेश शर्मा ने फार्मा के क्षेत्र में नए बदलावों पर प्रकाश डाला। डीएसटी पॉलिसी रिसर्च के समन्वयक प्रो. आर तिवारी ने कहा कि सरकार ने शोध करने वालों के लिए कई अवसर दिए हैं। विश्वविद्यालयों को इनका इस्तेमाल करने की जरूरत है। इस मौके पर पंकज गुप्ता सहित कई उद्योगपति मौजूद रहे।
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