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45 सफाई कर्मियों की पांच साल बाद होगी वापसी
Updated Fri, 05 Jan 2018 10:54 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
नगर निगम से निकाले गए 45 संविदा सफाई कर्मचारियों की पांच साल के बाद वापसी की उम्मीद है। हालांकि उनकी वापसी के लिए संविदा के बजाय आउटसोर्सिंग का रास्ता बनाया गया है। उनको नगर निगम के बजाय नगर पालिका शिवालिकनगर में आउटसोर्सिंग से नियुक्त करने का आदेश जारी हुआ है। हालांकि पहले भी ऐसा आदेश हो चुका है, लेकिन इस बार अधिकारियों ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जुलाई 2012 में नगर निगम में जांच में 45 सफाई कर्मचारियों को फर्जी बताकर बाहर का रास्ता दिखा दिया था। आरोप था कि सफाई हवलदारों ने अपने चहेतों को फर्जी रूप से संविदा में दिखाया था। जांच में फर्जियों के बजाय नियमित रूप से संविदा पर काम कर रहे सफाई कर्मियों को बाहर कर दिया गया। तबसे कर्मयोगी कल्याणकारी समिति के बैनर तले 45 सफाई कर्मचारी वापसी की मांग को लेकर आंदोलित हैं। महिला नेता पूनम वाल्मीकि इसके लिए नगर निगम परिसर से लेकर देहरादून तक कई बार धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन तक कर चुकी है। तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत की ओर से इन्हें काम पर रखने का आदेश देने के बाद 4 जनवरी 2015 को शहरी विकास सचिव डीएस गर्ब्याल ने इन 45 कर्मचारियों को नगरपालिका परिषद शिवालिकनगर में आउटसोर्स पर नियुक्त करने का शासनादेश जारी किया। एक अक्तूबर 2015 की बोर्ड बैठक में पार्षद किरण देवी ने भी हटाए गए सफाई कर्मचारियों को बहाल करने का प्रस्ताव किया, जिसे बोर्ड ने पारित कर दिया था। इसके बावजूद उनकी नियुक्तियों को लेकर अधिकारी हीलाहवाली ही करते रहे।
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अब शहरी विकास सचिव ने एक बार फिर इन सफाई कर्मचारियों को नगरपालिका परिषद शिवालिकनगर में समायोजित करने का निर्देश दिया है। नगरपालिका शिवालिकानगर के प्रशासक ने भी प्रक्रिया शुरू कर दी है इसलिए जल्दी की उनको नौकरी मिलने की उम्मीद है।
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समिति स्थायी नियुक्ति की मांग कर रही थी। अब उन्हें संविदा पर भी नहीं रखा जा रहा है। हमारी प्राथमिकता नगर निगम में नियुक्ति की भी थी, परंतु शासनादेश में नगरपालिका शिवालिकनगर में नियुक्ति की बात है। हमने प्रशासक मनीष कुमार सिंह से बृहस्पतिवार को इस संबंध में बात की थी। उनका कहना है कि आउटसोर्स पर ही उन्हें रखा जाएगा। पांच साल बाद काम मिलने का अवसर मिलने को लेकर सभी साथियों के साथ बैठक कर निर्णय लेंगे और एक बार शहरी विकास मंत्री से भी मिलना चाहते हैं। - पूनम वाल्मीकि अध्यक्ष, कर्मयोगी कल्याणकारी समिति
सचिव शहरी विकास का इन सफाई कर्मचारियों के संबंध में पत्र आया है। वर्ष 2015 का जीओ भी है, जिसमें उन्हें आउटसोर्स पर रखने का आदेश है। इस संबंध में प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है, जो लोग योग्य तथा इच्छुक होंगे उन्हें आउटसोर्स में रखा जाएगा।
- मनीष कुमार सिंह, प्रशासक नगरपालिका परिषद शिवालिकनगर।