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गर्भवती पर नहीं आया एएनएम को रहम, अस्पताल से भगाया
Updated Fri, 16 Jun 2017 10:27 PM IST
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जखोली (रुद्रप्रयाग)। स्वास्थ्य कर्मचारी ही महकमे की साख पर बट्टा लगा रहे हैं। मरीजों के प्रति उनकी भावनाएं संवेदनशून्य हो गई हैं। यहां जखोली ब्लॉक के चौंरा मातृ शिशु परिवार कल्याण केंद्र में प्रसव कराने आई गर्भवती को एएनएम ने भगा दिया। नतीजतन, दूसरे अस्पताल में ले जाते वक्त महिला ने सड़क पर बच्चे कोे जन्म दे दिया। हालांकि, मामले में सीएमओ ने एएनएम से जवाब तलब किया है।
शुक्रवार सुबह सात बजे भटवाड़ी गांव निवासी इंदिरा देवी अपनी बहू लक्ष्मी को प्रसव पीड़ा होने पर निजी वाहन से एएनएम सेंटर चौंरा लेकर गई, लेकिन वहां तैनात एएनएम बसंती सकलानी ने प्रसव कराने के बजाय गर्भवती को वहां से बाहर जाने के लिए कहा दिया। पीड़िता की सास एएनएम से मिन्नतेें करती रही, लेकिन एएनएम का दिल नहीं पसीजा और सास-बहू को उच्चाधिकारियों के निर्देश का हवाला देते हुए भर्ती करने से साफ इंकार कर बाहर जाने को कह दिया। मजबूरी में महिला अपनी बहू को दूसरे अस्पताल ले जाने लगी तो केंद्र से बाहर आते ही बहू को तेज दर्द होने लगा और कुछ देर में सड़क पर ही उसने बच्चे को जन्म दे दिया।
इस दौरान गांव की महिलाएं और अन्य ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। हंगामे की आशंका को देखते हुए एएनएम आनन-फानन में जच्चा-बच्चा को केंद्र के अंदर ले गई और जरूरी उपचार देने लगी। इंदिरा देवी का कहना है कि वह गरीब है। निजी वाहन से बहू को एएनएम सेंटर लाई थी। आर्थिक रूप से इतनी सक्षम नहीं कि बहू को रुद्रप्रयाग या अन्य स्वास्थ्य केंद्र ले जा पाती। क्षेत्र में 108 सेवा भी उसे नहीं मिल पाई।
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इधर, सीएमओ डॉ. सरोज नैथानी का कहना कि सोमवार को एएनएम केंद्र का निरीक्षण किया गया था। तब वहां बेड और दीवारों पर गंदगी होने के कारण एएनएम को उचित साफ-सफाई के बाद ही प्रसव कराने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने माना कि एएनएम ने घोर लापरवाही की है। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उससे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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शुक्रवार सुबह सात बजे भटवाड़ी गांव निवासी इंदिरा देवी अपनी बहू लक्ष्मी को प्रसव पीड़ा होने पर निजी वाहन से एएनएम सेंटर चौंरा लेकर गई, लेकिन वहां तैनात एएनएम बसंती सकलानी ने प्रसव कराने के बजाय गर्भवती को वहां से बाहर जाने के लिए कहा दिया। पीड़िता की सास एएनएम से मिन्नतेें करती रही, लेकिन एएनएम का दिल नहीं पसीजा और सास-बहू को उच्चाधिकारियों के निर्देश का हवाला देते हुए भर्ती करने से साफ इंकार कर बाहर जाने को कह दिया। मजबूरी में महिला अपनी बहू को दूसरे अस्पताल ले जाने लगी तो केंद्र से बाहर आते ही बहू को तेज दर्द होने लगा और कुछ देर में सड़क पर ही उसने बच्चे को जन्म दे दिया।
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इस दौरान गांव की महिलाएं और अन्य ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। हंगामे की आशंका को देखते हुए एएनएम आनन-फानन में जच्चा-बच्चा को केंद्र के अंदर ले गई और जरूरी उपचार देने लगी। इंदिरा देवी का कहना है कि वह गरीब है। निजी वाहन से बहू को एएनएम सेंटर लाई थी। आर्थिक रूप से इतनी सक्षम नहीं कि बहू को रुद्रप्रयाग या अन्य स्वास्थ्य केंद्र ले जा पाती। क्षेत्र में 108 सेवा भी उसे नहीं मिल पाई।
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इधर, सीएमओ डॉ. सरोज नैथानी का कहना कि सोमवार को एएनएम केंद्र का निरीक्षण किया गया था। तब वहां बेड और दीवारों पर गंदगी होने के कारण एएनएम को उचित साफ-सफाई के बाद ही प्रसव कराने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने माना कि एएनएम ने घोर लापरवाही की है। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उससे स्पष्टीकरण मांगा गया है।