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श्रवण कुमार के जयकारों के साथ तीन दिवसीय कांवड़ यात्रा संपन्न
Updated Mon, 18 Dec 2017 10:33 PM IST
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देवप्रयाग। श्रवण कुमार कांवड़ यात्रा का सोमवार को दशरथांचल पर्वत पर समापन हो गया।
सोमवार सुबह पूर्व मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी की अगुवाई में बमाणा गांव से कांवड़ यात्रा रवाना होकर तीसरे दिन करीब पांच हजार फीट ऊंची चोटी पर पहुंची। यहां कांवड़ धारी जनार्द्धन सिंह की ओर से संगम स्थल से घटी में लाए गंगाजल को पूर्व काबीना मंत्री नैथानी ने मौजूद श्रद्धालुओ के साथ श्रवण शिला पर अर्पित किया। इस मौके पर मातृ-पितृ भक्त श्रवण कुमार की जयकार के साथ भजनों के गायन से दशरथांचल पर्वत भी गुंजायमान हुआ। यात्रा संयोजक नैथानी ने कहा कि सरकार से श्रवण शिला स्थल व श्री रघुनाथ मंदिर को तीर्थाटन सर्किट से जोड़ने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष कांवड़ यात्रा के 12 वर्ष पूरे होने पर इसे चारधामों में आयोजित की जाएगी। साथ ही श्रवण कुमार मंदिर का निर्माण भी शुरू किया जाएगा। यात्रा के समापन मौके पर शामिल लोगों की ओर से विश्व शांति व उन्नति के लिए कामना की गई। इस मौके पर विनोद टोडरिया, जगदीश आर्य, गबर सिंह सजवाण, सुरेश बडोनी, उदय प्रकाश, लखपत सिंह, सुनीता महर, कविता कैंतुरा, राजेंद्र सिंह आदि यात्रा में शामिल थे।
सोमवार सुबह पूर्व मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी की अगुवाई में बमाणा गांव से कांवड़ यात्रा रवाना होकर तीसरे दिन करीब पांच हजार फीट ऊंची चोटी पर पहुंची। यहां कांवड़ धारी जनार्द्धन सिंह की ओर से संगम स्थल से घटी में लाए गंगाजल को पूर्व काबीना मंत्री नैथानी ने मौजूद श्रद्धालुओ के साथ श्रवण शिला पर अर्पित किया। इस मौके पर मातृ-पितृ भक्त श्रवण कुमार की जयकार के साथ भजनों के गायन से दशरथांचल पर्वत भी गुंजायमान हुआ। यात्रा संयोजक नैथानी ने कहा कि सरकार से श्रवण शिला स्थल व श्री रघुनाथ मंदिर को तीर्थाटन सर्किट से जोड़ने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष कांवड़ यात्रा के 12 वर्ष पूरे होने पर इसे चारधामों में आयोजित की जाएगी। साथ ही श्रवण कुमार मंदिर का निर्माण भी शुरू किया जाएगा। यात्रा के समापन मौके पर शामिल लोगों की ओर से विश्व शांति व उन्नति के लिए कामना की गई। इस मौके पर विनोद टोडरिया, जगदीश आर्य, गबर सिंह सजवाण, सुरेश बडोनी, उदय प्रकाश, लखपत सिंह, सुनीता महर, कविता कैंतुरा, राजेंद्र सिंह आदि यात्रा में शामिल थे।