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संस्कृत के उत्थान के लिए कार्ययोजना तैयार करने की उठाई मांग
Updated Sat, 16 Dec 2017 10:37 PM IST
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गोपेश्वर। गोविंद संस्कृत विद्यालय शांति सदन चटवापीपल (गौचर) में आयोजित संघ की बैठक में संस्कृत विद्यालयों व महाविद्यालयों की दिशा व दशा पर चर्चा हुई। इस दौरान संस्कृत शिक्षक संघ चमोली ने द्वितीय राजभाषा संस्कृत के उत्थान के लिए सरकार से वृहद कार्ययोजना तैयार करने की मांग की।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए संघ के जिलाध्यक्ष आचार्य शेषनारायण भट्ट ने संस्कृत के उत्थान के लिए शासन स्तर पर कोई प्रभावी कार्ययोजना न बनाए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पूर्व में संस्कृत विद्यालयों में छात्रवृत्ति दिए जाने की व्यवस्था थी, लेकिन अब यह बंद कर दी गई है। संघ के पदाधिकारियों ने संस्कृत विद्यालयों के लिए अनुरक्षण अनुदान लागू करने की मांग उठाई। निर्णय लिया गया कि जल्द ही संघ के पदाधिकारी विभागीय अधिकारियों से शिष्टाचार भेंट करेंगे। इस मौके पर जिला मंत्री नवीन सेमवाल, हरीश तोपवल, जयकृष्ण सेमवाल, दिवाकर थपलियाल, कैलाश सेमवाल और रमेश आदि मौजूद थे।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए संघ के जिलाध्यक्ष आचार्य शेषनारायण भट्ट ने संस्कृत के उत्थान के लिए शासन स्तर पर कोई प्रभावी कार्ययोजना न बनाए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पूर्व में संस्कृत विद्यालयों में छात्रवृत्ति दिए जाने की व्यवस्था थी, लेकिन अब यह बंद कर दी गई है। संघ के पदाधिकारियों ने संस्कृत विद्यालयों के लिए अनुरक्षण अनुदान लागू करने की मांग उठाई। निर्णय लिया गया कि जल्द ही संघ के पदाधिकारी विभागीय अधिकारियों से शिष्टाचार भेंट करेंगे। इस मौके पर जिला मंत्री नवीन सेमवाल, हरीश तोपवल, जयकृष्ण सेमवाल, दिवाकर थपलियाल, कैलाश सेमवाल और रमेश आदि मौजूद थे।
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