{"_id":"5a32d6554f1c1ba12d8b89f8","slug":"15132812525-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तपोवन क्षेत्र को जल्द मिलेगा पर्यागप्त पेयजल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तपोवन क्षेत्र को जल्द मिलेगा पर्यागप्त पेयजल
Updated Fri, 15 Dec 2017 01:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तपोवन में पेयजल पुनर्गठन योजना को मिली मंजूरी
-- नाबार्ड के तहत 8.49 करोड़ से दो पेयजल टैंक और नौ किमी. पेयजल लाइन बिछाने की है योजना
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। पर्यटन ग्राम तपोवन के वाशिंदों व क्षेत्र में देश-दुनिया से आने वाले सैलानियों को जल्द पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। जल निगम द्वारा तपोवन के लिए प्रस्तावित पेयजल पुनर्गठन योजना को शासन से मंजूरी मिल गई है। निगम की मुनिकीरेती डिवीजन जल्द योजना का धरातल पर क्रियान्वयन शुरू करेगी।
पर्यटकों की आवाजाही वाली तपोवन ग्राम पंचायत में लंबे अरसे से पेयजल संकट बना हुआ है। क्षेत्र में ग्रीष्मकाल में ही नहीं बल्कि शीतकाल में भी लोगों को पेयजल किल्लत से जूझना पड़ता है। क्षेत्र के गुलाब नगर, घुघताणी आदि इलाकों में अक्सर लोगों को बूंद बूंद पानी से जूझना पड़ता है। मगर जल संस्थान आज तक समस्या का समाधान नहीं निकाल पाया।
बीते दो दशक में क्षेत्र की स्थायी और अस्थायी आबादी तीन से चार गुना बढ़ी है, जिसके चलते जल निगम की मुनिकीरेती डिवीजन की ओर से स्थानीय नागरिकों व पर्यटकों, तीर्थाटकों को पेयजल की मुकम्मल व्यवस्था के लिए तपोवन पेयजल पुनर्गठन योजना बनाकर शासन को भेजी गई। हाल में नाबार्ड के तहत स्वीकृत 8.49 करोड़ की योजना के जल्द धरातल पर उतरने की उम्मीद है। योजना में दो पेयजल टैंकों का नवनिर्माण व नौ किमी. पेयजल लाइन बिछाई जानी है।
विज्ञापन
जल निगम मुनिकीरेती डिवीजन के विभागीय सहायक अभियंता एसएन सिंह ने बताया कि योजना की स्वीकृति के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जल्द इसका क्रियान्वयन शुरू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि योजना से तपोवन क्षेत्र में स्थायी व अस्थायी आबादी को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
इंसेट
चौक चौराहों पर बनेंगे स्टैंड पोस्ट
ऋषिकेश। तीर्थ क्षेत्र तपोवन में मंजूर पेयजल योजना के तहत महत्वपूर्ण चौक चौराहों पर राहगीरों के लिए पेयजल स्टैंड पोस्टों का निर्माण भी किया जाएगा। जिससे राहगीरों को पानी उपलब्ध हो सके। विभाग का कहना है कि लोगों की मांग के अनुसार या पर्यटकों की अत्यधिक आवाजाही वाले स्थानों पर पर्याप्त स्टैंडपोस्टों का निर्माण किया जाएगा।
विज्ञापन
-- नाबार्ड के तहत 8.49 करोड़ से दो पेयजल टैंक और नौ किमी. पेयजल लाइन बिछाने की है योजना
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। पर्यटन ग्राम तपोवन के वाशिंदों व क्षेत्र में देश-दुनिया से आने वाले सैलानियों को जल्द पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। जल निगम द्वारा तपोवन के लिए प्रस्तावित पेयजल पुनर्गठन योजना को शासन से मंजूरी मिल गई है। निगम की मुनिकीरेती डिवीजन जल्द योजना का धरातल पर क्रियान्वयन शुरू करेगी।
पर्यटकों की आवाजाही वाली तपोवन ग्राम पंचायत में लंबे अरसे से पेयजल संकट बना हुआ है। क्षेत्र में ग्रीष्मकाल में ही नहीं बल्कि शीतकाल में भी लोगों को पेयजल किल्लत से जूझना पड़ता है। क्षेत्र के गुलाब नगर, घुघताणी आदि इलाकों में अक्सर लोगों को बूंद बूंद पानी से जूझना पड़ता है। मगर जल संस्थान आज तक समस्या का समाधान नहीं निकाल पाया।
विज्ञापन
बीते दो दशक में क्षेत्र की स्थायी और अस्थायी आबादी तीन से चार गुना बढ़ी है, जिसके चलते जल निगम की मुनिकीरेती डिवीजन की ओर से स्थानीय नागरिकों व पर्यटकों, तीर्थाटकों को पेयजल की मुकम्मल व्यवस्था के लिए तपोवन पेयजल पुनर्गठन योजना बनाकर शासन को भेजी गई। हाल में नाबार्ड के तहत स्वीकृत 8.49 करोड़ की योजना के जल्द धरातल पर उतरने की उम्मीद है। योजना में दो पेयजल टैंकों का नवनिर्माण व नौ किमी. पेयजल लाइन बिछाई जानी है।
विज्ञापन
जल निगम मुनिकीरेती डिवीजन के विभागीय सहायक अभियंता एसएन सिंह ने बताया कि योजना की स्वीकृति के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जल्द इसका क्रियान्वयन शुरू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि योजना से तपोवन क्षेत्र में स्थायी व अस्थायी आबादी को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
इंसेट
चौक चौराहों पर बनेंगे स्टैंड पोस्ट
ऋषिकेश। तीर्थ क्षेत्र तपोवन में मंजूर पेयजल योजना के तहत महत्वपूर्ण चौक चौराहों पर राहगीरों के लिए पेयजल स्टैंड पोस्टों का निर्माण भी किया जाएगा। जिससे राहगीरों को पानी उपलब्ध हो सके। विभाग का कहना है कि लोगों की मांग के अनुसार या पर्यटकों की अत्यधिक आवाजाही वाले स्थानों पर पर्याप्त स्टैंडपोस्टों का निर्माण किया जाएगा।