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हे पंड्यों देवतों, राजी-खुशी राखी, कुटुंब परिवार.....
Updated Wed, 13 Dec 2017 10:29 PM IST
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गोपेश्वर। पोखरी विकास खंड के कुमेड़ा गांव में छह दिन से चल रहे पांडव नृत्य का बुधवार को धार्मिक परंपराओं के साथ समापन हो गया है।
बीते छह दिसंबर को कुमेड़ा गांव में पांडव नृत्य शुरू हुआ। प्रत्येक दिन पांडव परिवार ने अपने पश्वाओं पर अवतरित होकर अपने अस्त्र-शस्त्रों के साथ नृत्य किया। कुवैत में सेवारत ग्रामीण महेंद्र सिंह रावत का कहना है कि 12 वर्षों बाद उन्हें पांडव लीला मंचन देखने का सौभाग्य मिला है। बुधवार को ग्रामीणों ने नम आंखों से पांडवों को विदाई दी। महिलाओं ने हे पंड्यों देवतों, राजी-खुशी राखी, कुटुंब परिवार जैसे मांगल गीत गाए। इस मौके पर प्रधान शकुंतला देवी, माधो सिंह नेगी, जगदीश नेगी, डा दर्शन सिंह नेगी, नागेंद्र सिंह, लक्ष्मण सिंह, अजय कंडारी, धर्म सिंह रावत, सुदर्शन सिंह, पंडित श्रीनिवास खाली, रामलाल, गिरीशलाल आदि मौजूद थे।
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बीते छह दिसंबर को कुमेड़ा गांव में पांडव नृत्य शुरू हुआ। प्रत्येक दिन पांडव परिवार ने अपने पश्वाओं पर अवतरित होकर अपने अस्त्र-शस्त्रों के साथ नृत्य किया। कुवैत में सेवारत ग्रामीण महेंद्र सिंह रावत का कहना है कि 12 वर्षों बाद उन्हें पांडव लीला मंचन देखने का सौभाग्य मिला है। बुधवार को ग्रामीणों ने नम आंखों से पांडवों को विदाई दी। महिलाओं ने हे पंड्यों देवतों, राजी-खुशी राखी, कुटुंब परिवार जैसे मांगल गीत गाए। इस मौके पर प्रधान शकुंतला देवी, माधो सिंह नेगी, जगदीश नेगी, डा दर्शन सिंह नेगी, नागेंद्र सिंह, लक्ष्मण सिंह, अजय कंडारी, धर्म सिंह रावत, सुदर्शन सिंह, पंडित श्रीनिवास खाली, रामलाल, गिरीशलाल आदि मौजूद थे।