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विधानसभा के लिए 10 करोड़: ऊंट के मुहं में जीरा
Updated Sat, 09 Dec 2017 10:30 PM IST
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कर्णप्रयाग। गैरसैंण के भराड़ीसैंण में निर्माणाधीन विधानभवन के निर्माण के लिए सरकार ने सत्र के दौरान पारित अनुपूरक बजट में 10 करोड़ की व्यवस्था की है। निर्माण कर रही कंपनी के अधिकारियों की मानें तो दस करोड़ में विधानभवन पर लगने वाले एल्युमीनियम की ही खरीद नहीं हो पाएगी। ऐसे में विधानभवन का निर्माण पूरा होने में अभी और लंबा समय लगना तय माना जा रहा है।
भराड़ीसैंण में तीन सालों से विधानभवन, विधायक आवास, मुख्यमंत्री, मंत्री सहित अफसर आवास का निर्माण किया जा रहा है। शुरुआती दौर में सरकार ने निर्माण के लिए करीब 106 करोड़ की राशि निर्माण कार्य के लिए एनबीसीसी और वीकेजे को जारी की। विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री, अफसर आवास निर्माण पूरा होने और विधानभवन का ढांचा तैयार होने के बाद निर्माण कर रही कंपनी ने करीब 61 करोड़ का रिवाइज इस्टीमेट शासन को भेजा, लेकिन सरकार बदलने के साथ ही मामला लटक गया। स्थिति यह रही कि विधानभवन अब भी महज ढांचा है। यहां फर्श, खिड़की, दरवाजे, बिजली, पानी, सफेदी सहित कई काम होने हैं। निर्माण कार्य में लगे वीकेेजे के प्रबंधक नरेंद्र लखचौरा का कहना है कि प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद शासन से करीब सात करोड़ मिले जबकि अब 10 करोड़ की व्यवस्था की गई। अभी काम करीब 35 करोड़ से अधिक का है। ऐसे में कार्य पूरा होने में समय लगना तय है।
कोट
ण को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। अभी दस करोड़ की व्यवस्था है। जल्द ही विधानभवन को पूरा करने के लिए अवशेष धनराशि जारी की जाएगी। साथ ही गैरसैंण को राजधानी का दर्जा भी जल्द दिया जाएगा। - सुरेंद्र सिंह नेगी, विधायक कर्णप्रयाग।
भराड़ीसैंण में तीन सालों से विधानभवन, विधायक आवास, मुख्यमंत्री, मंत्री सहित अफसर आवास का निर्माण किया जा रहा है। शुरुआती दौर में सरकार ने निर्माण के लिए करीब 106 करोड़ की राशि निर्माण कार्य के लिए एनबीसीसी और वीकेजे को जारी की। विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री, अफसर आवास निर्माण पूरा होने और विधानभवन का ढांचा तैयार होने के बाद निर्माण कर रही कंपनी ने करीब 61 करोड़ का रिवाइज इस्टीमेट शासन को भेजा, लेकिन सरकार बदलने के साथ ही मामला लटक गया। स्थिति यह रही कि विधानभवन अब भी महज ढांचा है। यहां फर्श, खिड़की, दरवाजे, बिजली, पानी, सफेदी सहित कई काम होने हैं। निर्माण कार्य में लगे वीकेेजे के प्रबंधक नरेंद्र लखचौरा का कहना है कि प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद शासन से करीब सात करोड़ मिले जबकि अब 10 करोड़ की व्यवस्था की गई। अभी काम करीब 35 करोड़ से अधिक का है। ऐसे में कार्य पूरा होने में समय लगना तय है।
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ण को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। अभी दस करोड़ की व्यवस्था है। जल्द ही विधानभवन को पूरा करने के लिए अवशेष धनराशि जारी की जाएगी। साथ ही गैरसैंण को राजधानी का दर्जा भी जल्द दिया जाएगा। - सुरेंद्र सिंह नेगी, विधायक कर्णप्रयाग।
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