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ग्राम जसवावाला को स्मार्ट विलेज बनाने को लिया गोद
Updated Tue, 05 Dec 2017 11:22 PM IST
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धनौरी। ग्राम जसवावाला को स्मार्ट विलेज बनाने के लिए पंत नगर विश्वविद्यालय ने गोद लिया है। वैज्ञानिक सलाहकार समिति की 14 वीं बैठक में स्मार्ट विलेज बनाने और किसानों की आय बढ़ाने पर चर्चा की गई।
कृषि विज्ञान केंद्र धनौरी हुई बैठक में कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा जनपद में किए गए के कृषि संबंधित शोध एवं प्रसार कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इस दौरान पंत नगर विश्वविद्यालय के कुलपति डा. एके मिश्रा ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र ने इस तरह से कार्यक्रम बनाए हैं कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो सके। उन्होंने कहा किसानों को नई नई तकनीकी की जानकारी कृषि विज्ञान केंद्र कराएगा। निदेशक प्रसार शिक्षा डा. वाईपी डबास ने कहा कि किसानों को बीज उत्पादन गतिविधियों से जोड़ा जाए, जिससे जनपद में फसलों एव सब्जियों का उत्पादन अधिक हो। उन्होंने किसान उपयोगी यंत्रीकरण कराने पर बल दिया। निदेशक अनुसंधान डा. एमएस तिवारी ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से ग्राम जसवावाला को गोद लिया गया है, जिसे स्मार्ट विलेज बनाया जाएगा। बैठक में डा. डीपी सिंह, मुख्य कृषि अधिकारी विकेश यादव, मुख्य उद्यान अधिकारी इंद्रपाल सिंह, मत्स्य विभाग से सहायक निदेशक अनिल कुमार, नाबार्ड से डा. अमित भंडारी, डा. दीप्ति चौधरी, डा. विनोद कुमार, डा. वाइपी सैनी, डा. उजाला सिंह, डा. सरिता आदि मौजूद रहे।
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कृषि विज्ञान केंद्र धनौरी हुई बैठक में कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा जनपद में किए गए के कृषि संबंधित शोध एवं प्रसार कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इस दौरान पंत नगर विश्वविद्यालय के कुलपति डा. एके मिश्रा ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र ने इस तरह से कार्यक्रम बनाए हैं कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो सके। उन्होंने कहा किसानों को नई नई तकनीकी की जानकारी कृषि विज्ञान केंद्र कराएगा। निदेशक प्रसार शिक्षा डा. वाईपी डबास ने कहा कि किसानों को बीज उत्पादन गतिविधियों से जोड़ा जाए, जिससे जनपद में फसलों एव सब्जियों का उत्पादन अधिक हो। उन्होंने किसान उपयोगी यंत्रीकरण कराने पर बल दिया। निदेशक अनुसंधान डा. एमएस तिवारी ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से ग्राम जसवावाला को गोद लिया गया है, जिसे स्मार्ट विलेज बनाया जाएगा। बैठक में डा. डीपी सिंह, मुख्य कृषि अधिकारी विकेश यादव, मुख्य उद्यान अधिकारी इंद्रपाल सिंह, मत्स्य विभाग से सहायक निदेशक अनिल कुमार, नाबार्ड से डा. अमित भंडारी, डा. दीप्ति चौधरी, डा. विनोद कुमार, डा. वाइपी सैनी, डा. उजाला सिंह, डा. सरिता आदि मौजूद रहे।
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