फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   गढ़वाल विवि और ईपीएचई पेरिस हटाएंगे रहस्य से पर्दा

गढ़वाल विवि और ईपीएचई पेरिस हटाएंगे रहस्य से पर्दा

Sun, 03 Dec 2017 10:54 PM IST
Updated Sun, 03 Dec 2017 10:54 PM IST
विज्ञापन
गढ़वाल विवि और ईपीएचई पेरिस हटाएंगे रहस्य से पर्दा
श्रीनगर। एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय (केंद्रीय) श्रीनगर और इकोले प्रेतिक डेस होट्स इट्यूड्स (ईपीएचई) फ्रांस संयुक्त रुप से जम्मू-कश्मीर के लेह-लद्दाख में प्राचीन भारतीय संस्कृति के रहस्यों को खोजने का काम करेंगे। इसके लिए दोनों संस्थानों में वैज्ञानिक सहयोग समझौता (एमओयू) हो गया है। गढ़वाल विवि के इतिहास, प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के प्रो. विनोद नौटियाल के निर्देशन में तीन वर्षों तक (2018-20) लेह-लदख में खुदाई कर विशेषज्ञ और रिसर्च स्कॉलर प्राचीन इतिहास को दुनिया के सामने लाएंगे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से उत्खनन के लिए अनुमति भी मिल चुकी है।
विज्ञापन

गढ़वाल विवि का इतिहास एवं पुरातत्व विभाग इससे पूर्व उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के हिमालयी क्षेत्रों में उत्खनन के जरिए पुरातात्विक सामग्रियों की खोज कर चुका है। अब विभाग ने हिमाचल प्रदेश से आगे बढ़ते हुए कश्मीर का जिम्मा लिया है। इस शोध और खुदाई के कार्य में फ्रांस का संस्थान इकोले प्रेतिक डेस इट्यूड्स पेरिस सहयोग कर रहा है। एमओयू के अनुसार कश्मीर के लेह-लद्दाख में 2018 से 2010 तक उत्खनन कार्य चलेगा। यह कार्य गढ़वाल विवि के पुरातत्व विभाग के प्रो. विनोद नौटियाल के निर्देशन और प्रो. प्रदीप सकलानी के सहनिर्देशन में चलेगा। इसके अलावा टीम में डा. नागेंद्र रावत, अमिता गुप्ता, सुधीर नौटियाल, मोहन नैथानी, एकता सिंह और हृदयेश शामिल हैं, जबकि फ्रांस की ओर से डा. लॉरियन ब्रुनेयू प्रतिनिधित्व करेंगे। प्रो. नौटियाल ने बताया कि वर्ष 2018 से प्रथम चरण में लेह जिले के लेह चोकर क्षेत्र में उत्खनन कार्य शुरू होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed