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आंदोलित ग्रामीणों को उक्रांद ने दिया समर्थन
Updated Fri, 24 Nov 2017 10:42 PM IST
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श्रीनगर। पालिका क्षेत्र में शामिल किए जाने के विरोध में आंदोलनरत उफल्डा के ग्रामीणों को उक्रांद ने अपना समर्थन दिया है। वहीं, धरना-प्रदर्शन के तीसरे दिन बड़ी संख्या में महिलाओं ने शिरकत की।
उफल्डा के ग्रामीण श्रीनगर पालिका क्षेत्र में मिलाने का विरोध कर रहे हैं। ग्रामीण पूर्व में अनशन भी कर चुके हैं। बाद में ग्रामीणों ने विधायक के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित कर दिया था। 22 नवंबर से उफल्डा के ग्रामीण फिर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।
शुक्रवार को उक्रांद कार्यकर्ताओं ने धरनास्थल पर पहुंच कर ग्रामीणों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उक्रांद युवा मोर्चा के टिहरी जिलाध्यक्ष गणेश भट्ट ने धरनास्थल पर कहा कि सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है। ग्रामीणों की सहमति के बिना ग्रामीण क्षेत्रों को पालिका में शामिल किया जा रहा है। सरकार ग्रामीणों की भावनाओं को नजर अंदाज कर रही है।
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भट्ट ने कहा कि उक्रांद ग्रामीणों के साथ खड़ी है। ग्रामीणों के आंदोलन में पूरा सहयोग दिया जाएगा। शुक्रवार को धरने पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने शिरकत की। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। धरने पर बैठने वालों में सुषमा देवी, मधु देवी, सावित्री देवी, विजय लक्ष्मी, कुसुम, जमुना, किरन, कमला, राजेेश्वरी और मालती आदि शामिल थीं।
उफल्डा के ग्रामीण श्रीनगर पालिका क्षेत्र में मिलाने का विरोध कर रहे हैं। ग्रामीण पूर्व में अनशन भी कर चुके हैं। बाद में ग्रामीणों ने विधायक के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित कर दिया था। 22 नवंबर से उफल्डा के ग्रामीण फिर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।
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शुक्रवार को उक्रांद कार्यकर्ताओं ने धरनास्थल पर पहुंच कर ग्रामीणों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उक्रांद युवा मोर्चा के टिहरी जिलाध्यक्ष गणेश भट्ट ने धरनास्थल पर कहा कि सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है। ग्रामीणों की सहमति के बिना ग्रामीण क्षेत्रों को पालिका में शामिल किया जा रहा है। सरकार ग्रामीणों की भावनाओं को नजर अंदाज कर रही है।
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भट्ट ने कहा कि उक्रांद ग्रामीणों के साथ खड़ी है। ग्रामीणों के आंदोलन में पूरा सहयोग दिया जाएगा। शुक्रवार को धरने पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने शिरकत की। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। धरने पर बैठने वालों में सुषमा देवी, मधु देवी, सावित्री देवी, विजय लक्ष्मी, कुसुम, जमुना, किरन, कमला, राजेेश्वरी और मालती आदि शामिल थीं।