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ंगठन ने शासन से निष्कासित मजदूरों को सेवा में वापसी की मांग की है
Updated Wed, 22 Nov 2017 11:38 PM IST
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27 को गंगोत्री राजमार्ग जाम करेंगे बीआरओ श्रमिक
बीआरओ प्रशासन पर लगाया वर्षों से कार्यरत मजदूरों को हटाने का आरोप
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भेजा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
बीआरओ मजदूर कल्याण संगठन ने बीआरओ प्रशासन पर तानाशतही रवैये अपनाने व श्रमिकों को हटाने का आरोप लगाया है। मजदूर संगठन ने निष्कासित मजदूरों को दोबारा काम पर वापस नहीं लेने पर 27 नवंबर से परियोजना का कार्य बंद कर गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर नरेंद्रनगर में चक्का जाम करने की चेतावनी दी है। इस बाबत संगठन अध्यक्ष मुकेश जोशी ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को ज्ञापन भी भेजा है।
बीआरओ मजदूर कल्याण संगठन के अध्यक्ष मुकेश जोशी का कहना है कि बीआरओ की शिवालिक परियोजना के अंतर्गत सैकड़ों श्रमिक लगभग 20-30 वर्षों से कार्य कर रहे हैं। बीआरओ के मुख्य अभियंता व 36 बीआरटीएफ कमांडर ने 21 नवंबर को अचानक करीब 80 मजदूरों को निष्कासित करने का आदेश जारी कर दिया है। इससे मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी इस संबंध में मजदूर कल्याण संगठन द्वारा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। जिसमें उच्च न्यायालय द्वारा फैसला संगठन के पक्ष में दिया गया था। इसके बावजूद भी बीआरओ अधिकारियों द्वारा कोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर मनमाने तरीके से मजदूरों को निष्कासित किया जा रहा है। संगठन ने चेताया है कि निष्कासित मजदूरों को दोबारा काम पर वापस नहीं लिया गया तो 27 नवंबर से परियोजना का कार्य बंद कर गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर नरेंद्रनगर में चक्का जाम कर दिया जाएगा। मांग करने वालों में सुरेंद्र सिंह, मदनलाल राज, सूरत सिंह, सुंदर सिंह, पवन कुमार, मगरा बेगरा, कमल सिंह, हरेंद्र सिंह आदि शामिल हैं।
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बीआरओ प्रशासन पर लगाया वर्षों से कार्यरत मजदूरों को हटाने का आरोप
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भेजा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
बीआरओ मजदूर कल्याण संगठन ने बीआरओ प्रशासन पर तानाशतही रवैये अपनाने व श्रमिकों को हटाने का आरोप लगाया है। मजदूर संगठन ने निष्कासित मजदूरों को दोबारा काम पर वापस नहीं लेने पर 27 नवंबर से परियोजना का कार्य बंद कर गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर नरेंद्रनगर में चक्का जाम करने की चेतावनी दी है। इस बाबत संगठन अध्यक्ष मुकेश जोशी ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को ज्ञापन भी भेजा है।
बीआरओ मजदूर कल्याण संगठन के अध्यक्ष मुकेश जोशी का कहना है कि बीआरओ की शिवालिक परियोजना के अंतर्गत सैकड़ों श्रमिक लगभग 20-30 वर्षों से कार्य कर रहे हैं। बीआरओ के मुख्य अभियंता व 36 बीआरटीएफ कमांडर ने 21 नवंबर को अचानक करीब 80 मजदूरों को निष्कासित करने का आदेश जारी कर दिया है। इससे मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी इस संबंध में मजदूर कल्याण संगठन द्वारा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। जिसमें उच्च न्यायालय द्वारा फैसला संगठन के पक्ष में दिया गया था। इसके बावजूद भी बीआरओ अधिकारियों द्वारा कोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर मनमाने तरीके से मजदूरों को निष्कासित किया जा रहा है। संगठन ने चेताया है कि निष्कासित मजदूरों को दोबारा काम पर वापस नहीं लिया गया तो 27 नवंबर से परियोजना का कार्य बंद कर गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर नरेंद्रनगर में चक्का जाम कर दिया जाएगा। मांग करने वालों में सुरेंद्र सिंह, मदनलाल राज, सूरत सिंह, सुंदर सिंह, पवन कुमार, मगरा बेगरा, कमल सिंह, हरेंद्र सिंह आदि शामिल हैं।
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