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संगीत संध्या में मंत्रमुग्ध हुए श्रोता
Updated Fri, 17 Nov 2017 11:02 PM IST
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श्रीनगर। केंद्रीय गढ़वाल विवि के संगीत विभाग का हॉल बृहस्पतिवार शाम शास्त्रीय संगीत से गुंजायमान रहा, जहां उदयपुर से आए प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक जगजीत सिंह ने विभिन्न राग सुनाकर मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं संगीत विभाग के डा. राजकुमार त्रिपाठी के निर्देशन में छात्र-छात्राओं ने तबले की तालों से श्रोताओं को रुबरु करवाया।
गढ़वाल विवि के संगीत विभाग की पहल पर बिड़ला परिसर स्थित सभागार में संगीत संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथि कलाकार जगजीत सिंह, मुख्य अतिथि कला संकायाध्यक्ष प्रो. जेके गोदियाल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कृष्णानंद मैठाणी और संगीत विभागाध्यक्ष प्रो. आशा पांडेय ने दीप प्रज्जवलित कर किया।
इस मौके पर विभाग के छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना की। डा. त्रिपाठी के निर्देशन में रुचि, सोनी, कविता, रुचिका, हर्ष व अरुण ने तबला-ताल तरंग की प्रस्तुति दी। इसके बाद जगजीत सिंह ने राग कौशी-कान्हड़ा में बड़ा ख्याल, छोटा ख्याल, पीलू एवं पहाड़ी में बनारस व पंजाब अंग की ठुमरी और राजस्थानी लोक संगीत सुनाकर शमा बांध दिया। श्रोता रागों पर झूमते रहे। दिनेश कृष्ण और राजेश जोशी ने संगत में सहयोग किया। कार्यक्रम का संचालन डा. संजय पांडे ने किया।
गढ़वाल विवि के संगीत विभाग की पहल पर बिड़ला परिसर स्थित सभागार में संगीत संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथि कलाकार जगजीत सिंह, मुख्य अतिथि कला संकायाध्यक्ष प्रो. जेके गोदियाल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कृष्णानंद मैठाणी और संगीत विभागाध्यक्ष प्रो. आशा पांडेय ने दीप प्रज्जवलित कर किया।
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इस मौके पर विभाग के छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना की। डा. त्रिपाठी के निर्देशन में रुचि, सोनी, कविता, रुचिका, हर्ष व अरुण ने तबला-ताल तरंग की प्रस्तुति दी। इसके बाद जगजीत सिंह ने राग कौशी-कान्हड़ा में बड़ा ख्याल, छोटा ख्याल, पीलू एवं पहाड़ी में बनारस व पंजाब अंग की ठुमरी और राजस्थानी लोक संगीत सुनाकर शमा बांध दिया। श्रोता रागों पर झूमते रहे। दिनेश कृष्ण और राजेश जोशी ने संगत में सहयोग किया। कार्यक्रम का संचालन डा. संजय पांडे ने किया।
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