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सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का कंपोस्टिंग प्लांट मानकों पर खरा नहीं
Updated Fri, 17 Nov 2017 10:50 PM IST
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रतनमणी डोभाल
हरिद्वार।
नगर निगम की 16 करोड़ 72 लाख रुपये की सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना अधर में फंस गई है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम को जांच में परियोजना का एक भी मानक पर खरा नहीं उतरा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय रुड़की की टीम को मिली खामियों की रिपोर्ट क्षेत्रीय अधिकारी ने अपने राज्य मुख्यालय को भेज दी है। इससे केआरएल को झटका लगा है।
एनजीटी के आदेश के अनुपालन में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय रुड़की की टीम ने ज्वालापुर के सराय स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड और कंपोस्टिंग प्लांट का निरीक्षण किया। टीम को मौके पर प्लास्टिकयुक्त कूड़ा कचरा जलता मिला, जिससे पर्यावरण प्रदूषित हो रहा था। कूड़े का पृथकीकरण न कर जैविक व अजैविक कचरा एक साथ डाला जा रहा था। टीम को कूड़े कचरे से भरे हुए नगर निगम के दो ट्रक भी खड़े मिले। टीम ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि अनुबंध के अनुसार सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का कोई भी सिस्टम ठीक से नहीं मिला है। बायोकंपोस्टिंग प्लांट भी पर्यावरण प्रदूषण के मानकों पर खरा नहीं पाया गया है। क्षेत्रीय कार्यालय ने अपनी ओर से केआरएल के प्लांट चालू करने के लिए एनओसी के आवेदन को निरस्त कर रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी है।
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चलताऊ प्लांट को अनुमति नहीं दे सकते
नगर निगम की सॉिलिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना तथा बायो कंपोस्टिंग प्लांट एनजीटी की नजर में हैं। ऐसे में चलताऊ ढंग से उसको चलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। भौतिक निरीक्षण की रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी गई है। अनुबंध के मुताबिक कूड़ा निस्तारण व बायो कंपोस्टिंग प्लांट पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण के किसी भी मानक पर खरा नहीं उतर रहा है। शिकायत है कि कूड़े में हमेशा आग लगी रहने से वातावरण प्रदूषित हो रहा है। ऐसी स्थिति मेें एनओसी नहीं दी जा सकती है।
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- प्रदीप जोशी क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड रुड़की।