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पीएमजीएसवाई के अधिकारियों की लापरवाही दर्जनों गांवों के ग्रामीणों पर पड़ रही भारी
Updated Fri, 17 Nov 2017 10:54 PM IST
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गोपेश्वर। दशोली ब्लॉक के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों पर पीएमजीएसवाई के अधिकारियों की लापरवाही भारी पड़ रही है। चमोली-लासी-सरतोली मोटर मार्ग पर हिल कटिंग का काम पूरा होने के सात साल बाद भी डामरीकरण नहीं हो पाया है। इस कारण ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं।
दशोली ब्लॉक के लासी, सरतोली, मैड़, ठेली, पलेठी, लस्यारी, भतंग्याला, सेम डुंग्रा, नवा, मजोठी, नैथोली और खंडरा गांवों को यातायात से जोड़ने के लिए वर्ष 2010 में पीएमजीएसवाई की ओर से चमाली-लासी-सरतोली मार्ग की हिल कटिंग की गई थी। हिल कटिंग के बाद विभाग ने सड़क को जस का तस छोड़ दिया। सड़क पर जहां आज तक डामरीकरण नहीं किया गया, वहीं पुश्तों और नालियों का निर्माण न होने से सड़क खतरनाक बनी है। जिला पंचायत सदस्य ऊषा रावत, आनंद फरस्वाण, सुरेंद्र रावत, विजय सिंह और मोहन सिंह का कहना है कि चमोली-लासी-सरतोली सड़क के डामरीकरण और सुधारीकरण के लिए कई बार आंदोलन करने के बाद भी स्थिति जस की तस है। वहीं पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता राजकुमार का कहना है कि चमोली-लासी-सरतोली सड़क के डामरीकरण का प्रस्ताव वित्तीय स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजा गया है। वित्तीय स्वीकृति मिलते ही डामरीकरण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
दशोली ब्लॉक के लासी, सरतोली, मैड़, ठेली, पलेठी, लस्यारी, भतंग्याला, सेम डुंग्रा, नवा, मजोठी, नैथोली और खंडरा गांवों को यातायात से जोड़ने के लिए वर्ष 2010 में पीएमजीएसवाई की ओर से चमाली-लासी-सरतोली मार्ग की हिल कटिंग की गई थी। हिल कटिंग के बाद विभाग ने सड़क को जस का तस छोड़ दिया। सड़क पर जहां आज तक डामरीकरण नहीं किया गया, वहीं पुश्तों और नालियों का निर्माण न होने से सड़क खतरनाक बनी है। जिला पंचायत सदस्य ऊषा रावत, आनंद फरस्वाण, सुरेंद्र रावत, विजय सिंह और मोहन सिंह का कहना है कि चमोली-लासी-सरतोली सड़क के डामरीकरण और सुधारीकरण के लिए कई बार आंदोलन करने के बाद भी स्थिति जस की तस है। वहीं पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता राजकुमार का कहना है कि चमोली-लासी-सरतोली सड़क के डामरीकरण का प्रस्ताव वित्तीय स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजा गया है। वित्तीय स्वीकृति मिलते ही डामरीकरण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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