{"_id":"59fdf0714f1c1bda538bad4f","slug":"15098144767-gopeshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राज्यस्तरीय दिद्यालयी क्रिकेट प्रतियोगिता में पहुंची मात्र तीन टीमें, बजट की कमी को बताया जा रहा कारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राज्यस्तरीय दिद्यालयी क्रिकेट प्रतियोगिता में पहुंची मात्र तीन टीमें, बजट की कमी को बताया जा रहा कारण
Updated Sat, 04 Nov 2017 10:27 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोपेश्वर। स्पोर्ट्स स्टेडियम में हुई विद्यालयीय तीन दिवसीय राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता में राज्यभर से मात्र चार टीमों ने प्रतिभाग किया है। यूएस नगर, स्पोर्ट्स कॉलेज देहरादून व उत्तरकाशी की टीमें ही यहां पहुंची हैं। बताया जा रहा है कि विद्यालयों में बजट की कमी के कारण टीमें प्रतियोगिता में प्रतिभाग नहीं कर पाई हैं।
प्रतिवर्ष शिक्षा विभाग की ओर से ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर विभिन्न शीतकालीन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है, लेकिन जगह-जगह से प्रतिभाग करने वाली टीमों को आने-जाने के लिए कोई बजट नहीं दिया जाता है। शिक्षक ही अपने संसाधनों से खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए लाते हैं। खेल प्रेमी हेम पुजारी, अशोक रावत और हेमंत दरमोड़ा का कहना है कि राज्य में खेल प्रतिभाओं की भरमार है, लेकिन सरकारों द्वारा खेलों को बढ़ावा देने के लिए ठोस नीति नहीं बनाई गई है।
इधर, मुख्य शिक्षा अधिकारी ललित मोहन चमोला का कहना है कि विद्यालयीय खेलकूद प्रतियोगिताओं के लिए सीमित वित्तीय व्यवस्था होती है, जिससे कई बार दूसरे जिलों में टीमों को भेजना संभव नहीं हो पाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रतिवर्ष शिक्षा विभाग की ओर से ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर विभिन्न शीतकालीन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है, लेकिन जगह-जगह से प्रतिभाग करने वाली टीमों को आने-जाने के लिए कोई बजट नहीं दिया जाता है। शिक्षक ही अपने संसाधनों से खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए लाते हैं। खेल प्रेमी हेम पुजारी, अशोक रावत और हेमंत दरमोड़ा का कहना है कि राज्य में खेल प्रतिभाओं की भरमार है, लेकिन सरकारों द्वारा खेलों को बढ़ावा देने के लिए ठोस नीति नहीं बनाई गई है।
विज्ञापन
इधर, मुख्य शिक्षा अधिकारी ललित मोहन चमोला का कहना है कि विद्यालयीय खेलकूद प्रतियोगिताओं के लिए सीमित वित्तीय व्यवस्था होती है, जिससे कई बार दूसरे जिलों में टीमों को भेजना संभव नहीं हो पाता है।
विज्ञापन