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नेत्र शिविर में नहीं पहुंचे चिकित्सक, बैरंग लौटे ग्रामीण, सीएमओ भी रही नदारद
Updated Thu, 26 Oct 2017 10:39 PM IST
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गोपेश्वर। जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण नेत्र चिकित्सा शिविर में आए ग्रामीणों को फजीहत झेलनी पड़ी। स्वास्थ्य विभाग की ओर जिला चिकित्सालय में नेत्र शिविर लगाया गया था, लेकिन चिकित्सकों के न पहुंचने से यहां दूरस्थ गांवों से आए मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा। यहां तक कि सीएमओ डा. भागीरथी जंगपांगी भी अस्पताल से नदारद रहीं, जिस पर लोगों ने आक्रोश जताया।
राष्ट्रीय अंधता निवारण अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को जिला चिकित्सालय में नेत्र शिविर लगाया गया। शिविर में जोशीमठ, पोखरी, गैरसैंण, कर्णप्रयाग, घाट, नारायणबगड़, देवाल और थराली क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण सुबह नौ बजे ही चिकित्सालय में पहुंच गए थे लेकिन दोपहर एक बजे तक भी शिविर शुरू नहीं हो पाया। बाद में ग्रामीण सीएमओ कार्यालय पहुंचे, लेकिन यहां सीएमओ भी नहीं मिली। इस पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। जोशीमठ के तपोवन से आई रामी देवी ने बताया कि वे आंखों के आपरेशन के लिए बुधवार को ही गोपेश्वर पहुंच गई थीं, लेकिन यहां से बैरंग लौटना पड़ रहा है। बछेर की यशोदा देवी, सज्जन लाल, पिलंग निवासी छुम्मा देवी, पोखरी के सौड़ा-मंगरा की जसुली देवी और पलेठी गांव के बुद्धि लाल का कहना है कि शिविर की सूचना मिलने पर सुबह आठ बजे ही जिला चिकित्सालय पहुंच गए थे। दिनभर अस्पताल में रहे, लेकिन शिविर शुरू नहीं हुआ। इधर, सीएमओ डा. भागीरथी जंगपांगी का कहना है कि कैंप का आयोजन निदेशालय के आदेशों पर किया जाना था। इसके लिए नेत्र चिकित्सक को भी निदेशालय से ही भेजा जाना था, लेकिन डाक्टर के न पहुंचने के कारण शिविर आयोजित नहीं हो सका है।
राष्ट्रीय अंधता निवारण अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को जिला चिकित्सालय में नेत्र शिविर लगाया गया। शिविर में जोशीमठ, पोखरी, गैरसैंण, कर्णप्रयाग, घाट, नारायणबगड़, देवाल और थराली क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण सुबह नौ बजे ही चिकित्सालय में पहुंच गए थे लेकिन दोपहर एक बजे तक भी शिविर शुरू नहीं हो पाया। बाद में ग्रामीण सीएमओ कार्यालय पहुंचे, लेकिन यहां सीएमओ भी नहीं मिली। इस पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। जोशीमठ के तपोवन से आई रामी देवी ने बताया कि वे आंखों के आपरेशन के लिए बुधवार को ही गोपेश्वर पहुंच गई थीं, लेकिन यहां से बैरंग लौटना पड़ रहा है। बछेर की यशोदा देवी, सज्जन लाल, पिलंग निवासी छुम्मा देवी, पोखरी के सौड़ा-मंगरा की जसुली देवी और पलेठी गांव के बुद्धि लाल का कहना है कि शिविर की सूचना मिलने पर सुबह आठ बजे ही जिला चिकित्सालय पहुंच गए थे। दिनभर अस्पताल में रहे, लेकिन शिविर शुरू नहीं हुआ। इधर, सीएमओ डा. भागीरथी जंगपांगी का कहना है कि कैंप का आयोजन निदेशालय के आदेशों पर किया जाना था। इसके लिए नेत्र चिकित्सक को भी निदेशालय से ही भेजा जाना था, लेकिन डाक्टर के न पहुंचने के कारण शिविर आयोजित नहीं हो सका है।
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