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हेमकुंड साहिब तक पहुंचने के लिए तीर्थयात्रियों को नापनी होगी मात्र नौ किमी की दूरी
Updated Sat, 21 Oct 2017 10:26 PM IST
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गोपेश्वर। हेमकुंड साहिब यात्रा की 16 किमी पैदल दूरी अब सिर्फ नौ किलोमीटर ही रह जाएगी। राज्य सरकार ने यात्रा के पैदल ट्रैक पर स्थित भ्यूंडार गांव तक सड़क निर्माण का शासनादेश जारी कर दिया है। सड़क बनने से हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्री गोविंदघाट से भ्यूंडार तक (दस किलोमीटर) अपने वाहन में जा सकेंगे। यदि सब कुछ ठीकठाक रहा तो सड़क का निर्माण डेढ़ साल में पूरा हो जाएगा।
हेमकुंड के प्रवेश द्वार गोविंदघाट से पुलना तक (तीन किमी) तीर्थयात्री वाहन से और यहां से हेमकुंड तक 16 किलोमीटर पैदल दूरी नापकर हेमकुंड साहिब में मत्था टेकने पहुंचते हैं। लंबी पैदल दूरी होने के कारण तीर्थयात्रियों को एक रात मुख्य पड़ाव घांघरिया में गुजारनी पड़ती है। अब सरकार की ओर से गोविंदघाट से भ्यूंडार तक 10 किमी सड़क बनने से तीर्थयात्रियों को हेमकुंड साहिब तक जाने के लिए मात्र नौ किलोमीटर की पैदल दूरी नापनी पड़ेगी। दूरी कम होने से तीर्थयात्री एक ही दिन में हेमकुंड के दर्शन कर वापस भी जा सकेंगे। यात्रा मार्ग पर स्थित पुलना में तीन वाहन पार्किंग बनेंगी। जहां करीब 500 वाहन खड़े किए जा सकेंगे। लोक निर्माण विभाग के ईई धन सिंह रावत का कहना है कि सरकार को पार्किंग निर्माण के प्रस्ताव भी भेज दिए गए हैं। प्रस्ताव की मंजूरी मिलने पर पार्किंग का काम शुरू कर दिया जाएगा।
फूलों की घाटी की भी घटेगी पैदल दूरी
फूलों की घाटी को जोड़ने वाला पैदल ट्रैक भी हेमकुंड साहिब के पैदल ट्रैक से होकर गुजरता है। गोविंदघाट से घांघरिया (13 किमी) तक हेमकुंड जाने वाले तीर्थयात्री और फूलों की घाटी जाने वाले सैलानी साथ-साथ चलते हैं। घांघरिया से रास्ते अलग-अलग हो जाते हैं। फूलों की घाटी पांच किमी की दूरी पर स्थित है, जबकि हेमकुंड साहिब छह किमी की दूरी पर है।
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भ्यूंडार तक सड़क निर्माण होने से हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्री सुगम हो जाएगी। अभी तक पैदल दूरी अधिक होने से कई तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब के दर्शनों से वंचित रह जाते थे, लेकिन सड़क बनने से यहां तीर्थयात्रियों की संख्या में भी इजाफा होगा। - नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा, उपाध्यक्ष, हेमकुंड साहिब ट्रस्ट, देहरादून।
हेमकुंड के प्रवेश द्वार गोविंदघाट से पुलना तक (तीन किमी) तीर्थयात्री वाहन से और यहां से हेमकुंड तक 16 किलोमीटर पैदल दूरी नापकर हेमकुंड साहिब में मत्था टेकने पहुंचते हैं। लंबी पैदल दूरी होने के कारण तीर्थयात्रियों को एक रात मुख्य पड़ाव घांघरिया में गुजारनी पड़ती है। अब सरकार की ओर से गोविंदघाट से भ्यूंडार तक 10 किमी सड़क बनने से तीर्थयात्रियों को हेमकुंड साहिब तक जाने के लिए मात्र नौ किलोमीटर की पैदल दूरी नापनी पड़ेगी। दूरी कम होने से तीर्थयात्री एक ही दिन में हेमकुंड के दर्शन कर वापस भी जा सकेंगे। यात्रा मार्ग पर स्थित पुलना में तीन वाहन पार्किंग बनेंगी। जहां करीब 500 वाहन खड़े किए जा सकेंगे। लोक निर्माण विभाग के ईई धन सिंह रावत का कहना है कि सरकार को पार्किंग निर्माण के प्रस्ताव भी भेज दिए गए हैं। प्रस्ताव की मंजूरी मिलने पर पार्किंग का काम शुरू कर दिया जाएगा।
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फूलों की घाटी की भी घटेगी पैदल दूरी
फूलों की घाटी को जोड़ने वाला पैदल ट्रैक भी हेमकुंड साहिब के पैदल ट्रैक से होकर गुजरता है। गोविंदघाट से घांघरिया (13 किमी) तक हेमकुंड जाने वाले तीर्थयात्री और फूलों की घाटी जाने वाले सैलानी साथ-साथ चलते हैं। घांघरिया से रास्ते अलग-अलग हो जाते हैं। फूलों की घाटी पांच किमी की दूरी पर स्थित है, जबकि हेमकुंड साहिब छह किमी की दूरी पर है।
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भ्यूंडार तक सड़क निर्माण होने से हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्री सुगम हो जाएगी। अभी तक पैदल दूरी अधिक होने से कई तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब के दर्शनों से वंचित रह जाते थे, लेकिन सड़क बनने से यहां तीर्थयात्रियों की संख्या में भी इजाफा होगा। - नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा, उपाध्यक्ष, हेमकुंड साहिब ट्रस्ट, देहरादून।