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भूस्खलन से श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के आवासीय भवनों को खतरा
Updated Wed, 18 Oct 2017 10:07 PM IST
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श्रीनगर। सरकारी लेटलतीफी राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के आवासीय भवनों को लील जाएगी। यहां भवनों के एक ओर स्वीत-गहड़ मोटर मार्ग पर लगातार भूस्खलन हो रहा है। यदि शीघ्र ट्रीटमेंट नहीं किया गया तो भवन इसकी चपेट मेें आ जाएंगे। वहीं, भूस्खलन से आए मलबे से गहड़-मोटर मार्ग भी अवरुद्ध हो गया है।
कॉलेज के प्राचार्य ने कार्यदायी संस्था यूपी राजकीय निर्माण निगम को पत्र भेजकर स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षात्मक कार्य करवाने का अनुरोध किया है। निगम का कहना है कि चार साल से ट्रीटमेंट का इस्टीमेट भेजा जा रहा है, लेकिन मंजूरी नहीं मिल रही है।
श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक भवन के पीछे और स्वीत-गहड़ मोटर मार्ग के ऊपर आवासीय कॉलोनी है। इन भवनों के आसपास पिछले कई सालों से धीरे-धीरे भूस्खलन हो रहा है। 17 अक्तूबर की सुबह 10 बजे सूखे मौसम में पहाड़ी से अचानक टनों मलबा सड़क पर आ गिरा। इससे भवनों की सुरक्षा दीवार को खतरा हो गया है।
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कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने बताया कि यदि समय पर ट्रीटमेंट नहीं हुआ तो आवासीय भवनों को खतरा हो जाएगा। इसलिए निर्माण निगम को पत्र भेजकर स्थलीय निरीक्षण करने के लिए कहा गया है।
सड़क खोलने में होगी परेशानी
श्रीनगर। पहाड़ी से आए मलबे से गहड़ गांव का यातायात संपर्क कट गया है। यदि लोनिवि मलबा हटाने का काम करता है तो पहाड़ी से और मलबा आ जाएगा। इससे कॉलेज की आवासीय कॉलोनी को और खतरा हो जाएगा।
क्या कहते हैं अधिकारी
पिछले 4 साल में कई बार ट्रीटमेंट के लिए इस्टीमेट शासन को दिया जा चुका है। यदि बजट मिल जाता तो भवनों की सुरक्षा के लिए काम करा दिया जाता। अरविंद तिवाड़ी, परियोजना प्रबंधक, यूपी निर्माण निगम
सूखा मौसम है। अभी और मलबा गिरता जाएगा। जब मलबा गिरना रुक जाएगा तो सड़क खोलने का काम किया जाएगा। -एसके तोमर, ईई लोनिवि निर्माण खंड
कॉलेज के प्राचार्य ने कार्यदायी संस्था यूपी राजकीय निर्माण निगम को पत्र भेजकर स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षात्मक कार्य करवाने का अनुरोध किया है। निगम का कहना है कि चार साल से ट्रीटमेंट का इस्टीमेट भेजा जा रहा है, लेकिन मंजूरी नहीं मिल रही है।
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श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक भवन के पीछे और स्वीत-गहड़ मोटर मार्ग के ऊपर आवासीय कॉलोनी है। इन भवनों के आसपास पिछले कई सालों से धीरे-धीरे भूस्खलन हो रहा है। 17 अक्तूबर की सुबह 10 बजे सूखे मौसम में पहाड़ी से अचानक टनों मलबा सड़क पर आ गिरा। इससे भवनों की सुरक्षा दीवार को खतरा हो गया है।
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कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने बताया कि यदि समय पर ट्रीटमेंट नहीं हुआ तो आवासीय भवनों को खतरा हो जाएगा। इसलिए निर्माण निगम को पत्र भेजकर स्थलीय निरीक्षण करने के लिए कहा गया है।
सड़क खोलने में होगी परेशानी
श्रीनगर। पहाड़ी से आए मलबे से गहड़ गांव का यातायात संपर्क कट गया है। यदि लोनिवि मलबा हटाने का काम करता है तो पहाड़ी से और मलबा आ जाएगा। इससे कॉलेज की आवासीय कॉलोनी को और खतरा हो जाएगा।
क्या कहते हैं अधिकारी
पिछले 4 साल में कई बार ट्रीटमेंट के लिए इस्टीमेट शासन को दिया जा चुका है। यदि बजट मिल जाता तो भवनों की सुरक्षा के लिए काम करा दिया जाता। अरविंद तिवाड़ी, परियोजना प्रबंधक, यूपी निर्माण निगम
सूखा मौसम है। अभी और मलबा गिरता जाएगा। जब मलबा गिरना रुक जाएगा तो सड़क खोलने का काम किया जाएगा। -एसके तोमर, ईई लोनिवि निर्माण खंड