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भारत सरकार के समक्ष रखेंगे श्रीनगर मेडिकल कॉलेज का ब्यौरा
Updated Wed, 18 Oct 2017 10:03 PM IST
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श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में छह विषयों में पीजी (एमएस/एमडी) कोर्स शुरू होने की उम्मीद जगी है। केंद्र सरकार ने इस मामले में कॉलेज के प्राचार्य को अपनी बात रखने के लिए 25 अक्तूबर को दिल्ली बुलाया है। उम्मीद है कि कॉलेज को पीजी कोर्स की सशर्त मंजूरी मिल जाएगी।
श्रीनगर मेडिकल कॉलेज ने 14 विभागों में पीजी (एमडी/एमएस) के लिए एमसीआई (भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद) में आवेदन किया था। एमसीआई की टीम ने मई में मेडिकल कॉलेज का दौरा करते हुए प्री-पीजी एसेसमेंट करते हुए फैकल्टी और संसाधनों को परखा था। एमसीआई ने कॉलेज में फैकल्टी और संसाधन की काफी कमियां पाते हुए संस्थान को कमियां दूर करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद 3 अगस्त को टीम ने पुन: निरीक्षण किया था, लेकिन स्थितियां जस की तस मिलने पर एमसीआई ने अनुमति देने से इनकार कर दिया था।
दो सप्ताह पूर्व कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को पत्र भेजकर कमियां दूर करने का भरोसा दिलाया था। इस पर मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी डीवीके राव ने प्राचार्य को पत्र भेजकर 25 अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है।
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प्राचार्य प्रो. रावत ने बताया कि केंद्र सरकार के समक्ष सभी बिंदुओं को रखा जाएगा। जो भी कमियां हैं और उनको दूर करने के लिए क्या किया जा रहा है, सभी तथ्यों को प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिस दिन एमसीआई का निरीक्षण हुआ था। उस दिन तीन विभागाध्यक्ष अवकाश पर थे। इसलिए उनको टीम ने फैकल्टी में शामिल नहीं किया। यह भी अनुमति न मिलने की प्रमुख वजह रही।
इन विषयों का हुआ था निरीक्षण
फार्माकोलॉजी, बायोकैमेस्ट्री, फीजियोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, कम्युनिटी मेडिसिन व पैथोलॉजी
श्रीनगर मेडिकल कॉलेज ने 14 विभागों में पीजी (एमडी/एमएस) के लिए एमसीआई (भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद) में आवेदन किया था। एमसीआई की टीम ने मई में मेडिकल कॉलेज का दौरा करते हुए प्री-पीजी एसेसमेंट करते हुए फैकल्टी और संसाधनों को परखा था। एमसीआई ने कॉलेज में फैकल्टी और संसाधन की काफी कमियां पाते हुए संस्थान को कमियां दूर करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद 3 अगस्त को टीम ने पुन: निरीक्षण किया था, लेकिन स्थितियां जस की तस मिलने पर एमसीआई ने अनुमति देने से इनकार कर दिया था।
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दो सप्ताह पूर्व कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को पत्र भेजकर कमियां दूर करने का भरोसा दिलाया था। इस पर मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी डीवीके राव ने प्राचार्य को पत्र भेजकर 25 अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है।
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प्राचार्य प्रो. रावत ने बताया कि केंद्र सरकार के समक्ष सभी बिंदुओं को रखा जाएगा। जो भी कमियां हैं और उनको दूर करने के लिए क्या किया जा रहा है, सभी तथ्यों को प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिस दिन एमसीआई का निरीक्षण हुआ था। उस दिन तीन विभागाध्यक्ष अवकाश पर थे। इसलिए उनको टीम ने फैकल्टी में शामिल नहीं किया। यह भी अनुमति न मिलने की प्रमुख वजह रही।
इन विषयों का हुआ था निरीक्षण
फार्माकोलॉजी, बायोकैमेस्ट्री, फीजियोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, कम्युनिटी मेडिसिन व पैथोलॉजी