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वेतन भुगतान न होने पर प्रयोगशाला व कार्यालय सहायकों ने किया प्रदर्शन, सीईओ कार्यालय के सम्मुख दिया धरना

Thu, 12 Oct 2017 10:35 PM IST
Updated Thu, 12 Oct 2017 10:35 PM IST
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वेतन भुगतान न होने पर प्रयोगशाला व कार्यालय सहायकों ने किया प्रदर्शन, सीईओ कार्यालय के सम्मुख दिया धरना

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गोपेश्वर। जिले के विभिन्न विद्यालयों में सेवारत प्रयोगशाला व कार्यालय सहायकों ने छह माह से वेतन भुगतान न होने पर मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया। कहा गया कि बीते मार्च माह के बाद से उन्हें वेतन का भुगतान नहीं हो पाया है, जिससे आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ रहा है। कर्मियों ने शीघ्र वेतन भुगतान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
प्रदर्शन के बाद मौके पर हुई सभा में संगठन के जिलाध्यक्ष शैलेश खत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से वेतन देने में अनावश्यक देरी की जा रही है। साथ ही कर्मियों ने अन्य जिलों की भांति स्थानांतरण व सृजित पदों पर कर्मियों का नियमितीकरण करने की मांग भी उठाई। इस मौके पर संगठन के उपाध्यक्ष प्रकाश भंडारी, कुलदीप नेगी, धीरज सिंह नेगी, किरन कैलखुरा, कुलदीप नेगी, बबीता, अंजू, अरविंद, वीरेंद्र, भगवती और मनोज आदि मौजूद थे।
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शिक्षा विभाग के विरोध में प्रदर्शन
गोपेश्वर। जिले के वित्त विहीन मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय संगठन ने शिक्षा विभाग पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। विद्यालय संगठन ने नगर से लेकर मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय तक जुलूस-प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रबंध समिति से जुड़े लोगों ने सीईओ को ज्ञापन सौंपा।
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वहीं मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय प्रबंधन की जिला पंचायत परिसर में हुई बैठक में सदस्यों ने कहा कि विद्यालयों की मान्यता व नवीनीकरण संबंधी प्रारूपों में अलग-अलग ब्लॉक में अलग-अलग दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। मान्यता शुल्क के विषय में सही जानकारी मुहैया नहीं कराई जा रही है। उन्होंने विद्यालय सामग्री के बिल प्रारूप उपलब्ध कराने, दो वर्षों से लटके आरटीई (शिक्षा का अधिकार) का शुल्क विद्यालयों को उपलब्ध कराने व विद्यालयों को स्थायी मान्यता देने की मांग की गई। इस मौके पर जिलाध्यक्ष भरत सिंह रावत, सीपी गोदियाल, विनय बेंजवाल, अरुण मैठाणी, गौरव फस्त्रवाण, मनीष डिमरी, राकेश गैरोला और हरीश नेगी आदि मौजूद थे।
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