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उमट्टा, जयकंडी के ग्रामीणों ने भी किया विरोध
Updated Sun, 08 Oct 2017 10:43 PM IST
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कर्णप्रयाग। गांवों कोे नगर पालिकाओं में शामिल करने का विरोध जारी है। शनिवार को उमट्टा और जयकंडी ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने एसडीएम के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भेजकर नगर पालिका में शामिल नहीं करने की मांग की है।
शनिवार को क्षेत्र पंचायत सदस्य कालेश्वर महेंद्र कुमार, जयकंडी के प्रधान संदीप खंडूड़ी और उमट्टा के प्रधान गिरीश डिमरी के नेतृत्व में तहसील पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि गांवों से सक्षम परिवार पहले की पलायन कर सुविधाजनक स्थानों पर चले गए हैं। अब केवल गांवों में आर्थिक रूप से गरीब लोग हैं, जो मनरेगा जैसी अन्य योजनाओं के सहारे जीवन यापन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि पालिकाओं में शामिल होने से जहां गरीब ग्रामीण मनरेगा जैसी रोजगार गारंटी योजना से वंचित होंगे, वहीं निकाय एक्ट के तहत बिजली, पानी और अन्य बिलों में बढ़ोतरी के साथ ही करों के बोझ से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। ग्रामीणों ने कहा कि यदि जबरन पालिका में गांवों को शामिल किया गया तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन में मनोज कुमार, मोहन लाल, सोहन लाल, महिला मंगल दल अध्यक्ष बीना देवी, सोबती देवी, अनूप कुमार, बदरी प्रसाद डिमरी के हस्ताक्षर हैं।
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शनिवार को क्षेत्र पंचायत सदस्य कालेश्वर महेंद्र कुमार, जयकंडी के प्रधान संदीप खंडूड़ी और उमट्टा के प्रधान गिरीश डिमरी के नेतृत्व में तहसील पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि गांवों से सक्षम परिवार पहले की पलायन कर सुविधाजनक स्थानों पर चले गए हैं। अब केवल गांवों में आर्थिक रूप से गरीब लोग हैं, जो मनरेगा जैसी अन्य योजनाओं के सहारे जीवन यापन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि पालिकाओं में शामिल होने से जहां गरीब ग्रामीण मनरेगा जैसी रोजगार गारंटी योजना से वंचित होंगे, वहीं निकाय एक्ट के तहत बिजली, पानी और अन्य बिलों में बढ़ोतरी के साथ ही करों के बोझ से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। ग्रामीणों ने कहा कि यदि जबरन पालिका में गांवों को शामिल किया गया तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन में मनोज कुमार, मोहन लाल, सोहन लाल, महिला मंगल दल अध्यक्ष बीना देवी, सोबती देवी, अनूप कुमार, बदरी प्रसाद डिमरी के हस्ताक्षर हैं।
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