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अस्पताल में प्रसव के बाद प्रसूता की मौत, लापरवाही को लेकर हंगामा
Updated Wed, 04 Oct 2017 10:19 PM IST
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कर्णप्रयाग।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कर्णप्रयाग में प्रसव के बाद महिला की मौत हो गई। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने अस्पताल में छह घंटे तक हंगामा किया। परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रसव के आधे घंटे बाद महिला की मौत हुई थी लेकिन प्रसूता की तबीयत बिगड़ने के दौरान उसकी कोई जांच नहीं की गई। प्रदर्शनकारियों ने घटना के समय तैनात कर्मियों और डॉक्टरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। सीएमओ और एसडीएम ने मामले में जांच समिति बनाकर दस दिनों में जांच पूरी कर कार्रवाई करने की बात कही। तब ग्रामीण शांत हुए। दोपहर दो बजे के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
ब्लाक के ग्वाड़ गांव निवासी लक्ष्मी (25) पत्नी मनबीर सिंह को सोमवार रात दस बजे प्रसव के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया। मंगलवार दोपहर को तीन बजकर दस मिनट पर लक्ष्मी ने बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद एएनएम ने महिला का उपचार कर वार्ड में शिफ्ट कर दिया। परिजनों ने बताया कि इस दौरान प्रसूता लक्ष्मी की तबीयत बिगड़ने लगी, लेकिन कोई डाक्टर उसे देखने नहीं आया। परिजनों के बार-बार अनुरोध के बाद साढ़े तीन बजे डॉक्टर पहुंचे। उन्होंने लक्ष्मी के लिए दवा लिखी लेकिन वह दवा अस्पताल में उपलब्ध नहीं थी। तब मनबीर दवा लेने बाजार गया, लेकिन तब तक महिला ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने इसकी सूचना अन्य ग्रामीणों को दी। इसके बाद बुधवार सुबह आठ बजे भारी संख्या में ग्रामीण अस्पताल परिसर पहुंचे और अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तैनात कर्मियों के निलंबन की मांग की। उन्होंने अस्पताल प्रशासन, राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि सरकारें अस्पतालों में डॉक्टर की तैनाती नहीं कर रही हैं और पहाड़ में लोग अस्पतालों में दम तोड़ रहे हैं। सूचना पर पहुंचे तहसीलदार विपिन चंद्र पंत, एसडीएम केएन गोस्वामी, डिप्टी सीएमओ डा. एचसी लुधियाल और सीएमओ डा. भागीरथी जगपांगी ने परिजनों के साथ ही अस्पताल प्रबंधन से जानकारी ली। उन्होंने मामले में जांच कमेटी बनाकर दस दिनों में जांच पूरी करने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
इंसेट
शराब पीकर कर अस्पताल आने का आरोप
कर्णप्रयाग। हंगामे के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल में तैनात डॉक्टरों और अन्य पैरास्टाफ पर रात्रि ड्यूटी के समय शराब के नशे में होने का आरोप लगाया। यही नहीं महिला रोगियों के साथ एएनएम और अन्य सहायक स्टाफ की ओर से भी अभद्रता का आरोप लगाया गया। प्रदर्शनकारियों ने मामले में पूरी जांच करने की मांग की।
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लंगासू बाजार रहा बंद
कर्णप्रयाग। अस्पताल में प्रसूता की मौत को लेकर लंगासू बाजार बंद रहा। मृतका के पति मनबीर सिंह की लंगासू में दुकान है। व्यापार संघ अध्यक्ष कैलाश खंडूड़ी ने बताया कि व्यापारी की पत्नी की मौत पर व्यापारियों ने शोक सभा की और प्रतिष्ठानों को बंद रख श्रद्धांजलि दी गई।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कर्णप्रयाग में प्रसव के बाद महिला की मौत हो गई। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने अस्पताल में छह घंटे तक हंगामा किया। परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रसव के आधे घंटे बाद महिला की मौत हुई थी लेकिन प्रसूता की तबीयत बिगड़ने के दौरान उसकी कोई जांच नहीं की गई। प्रदर्शनकारियों ने घटना के समय तैनात कर्मियों और डॉक्टरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। सीएमओ और एसडीएम ने मामले में जांच समिति बनाकर दस दिनों में जांच पूरी कर कार्रवाई करने की बात कही। तब ग्रामीण शांत हुए। दोपहर दो बजे के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
ब्लाक के ग्वाड़ गांव निवासी लक्ष्मी (25) पत्नी मनबीर सिंह को सोमवार रात दस बजे प्रसव के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया। मंगलवार दोपहर को तीन बजकर दस मिनट पर लक्ष्मी ने बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद एएनएम ने महिला का उपचार कर वार्ड में शिफ्ट कर दिया। परिजनों ने बताया कि इस दौरान प्रसूता लक्ष्मी की तबीयत बिगड़ने लगी, लेकिन कोई डाक्टर उसे देखने नहीं आया। परिजनों के बार-बार अनुरोध के बाद साढ़े तीन बजे डॉक्टर पहुंचे। उन्होंने लक्ष्मी के लिए दवा लिखी लेकिन वह दवा अस्पताल में उपलब्ध नहीं थी। तब मनबीर दवा लेने बाजार गया, लेकिन तब तक महिला ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने इसकी सूचना अन्य ग्रामीणों को दी। इसके बाद बुधवार सुबह आठ बजे भारी संख्या में ग्रामीण अस्पताल परिसर पहुंचे और अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तैनात कर्मियों के निलंबन की मांग की। उन्होंने अस्पताल प्रशासन, राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि सरकारें अस्पतालों में डॉक्टर की तैनाती नहीं कर रही हैं और पहाड़ में लोग अस्पतालों में दम तोड़ रहे हैं। सूचना पर पहुंचे तहसीलदार विपिन चंद्र पंत, एसडीएम केएन गोस्वामी, डिप्टी सीएमओ डा. एचसी लुधियाल और सीएमओ डा. भागीरथी जगपांगी ने परिजनों के साथ ही अस्पताल प्रबंधन से जानकारी ली। उन्होंने मामले में जांच कमेटी बनाकर दस दिनों में जांच पूरी करने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
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शराब पीकर कर अस्पताल आने का आरोप
कर्णप्रयाग। हंगामे के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल में तैनात डॉक्टरों और अन्य पैरास्टाफ पर रात्रि ड्यूटी के समय शराब के नशे में होने का आरोप लगाया। यही नहीं महिला रोगियों के साथ एएनएम और अन्य सहायक स्टाफ की ओर से भी अभद्रता का आरोप लगाया गया। प्रदर्शनकारियों ने मामले में पूरी जांच करने की मांग की।
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लंगासू बाजार रहा बंद
कर्णप्रयाग। अस्पताल में प्रसूता की मौत को लेकर लंगासू बाजार बंद रहा। मृतका के पति मनबीर सिंह की लंगासू में दुकान है। व्यापार संघ अध्यक्ष कैलाश खंडूड़ी ने बताया कि व्यापारी की पत्नी की मौत पर व्यापारियों ने शोक सभा की और प्रतिष्ठानों को बंद रख श्रद्धांजलि दी गई।