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अंतिम पडाव में पहुंची हरिद्वार की रामलीलाएं

Wed, 27 Sep 2017 10:51 PM IST
Updated Wed, 27 Sep 2017 10:51 PM IST
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अंतिम पडाव में पहुंची हरिद्वार की रामलीलाएं

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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
पंचपुरी में रामलीलाओं का मंचन आखिरी दौर में पहुंच गया है। शुक्रवार रात रामलीला मंचन लगभग समाप्त हो जाएगा। उसके बाद रावण वध, भरत मिलाप और राजतिलक की लीला शेष रह जाएंगी। मंगलवार रात हरिद्वार श्रीरामलीला कमेटी के रंगमंच पर राम विलाप, बाली वध के साथ शबरी राम दर्शन और सुग्रीव मैत्री की भावुकता भरी लीला का मंचन किया गया।
राम के अभिनय में साहिल मोदी और लक्ष्मण के अभिनय में सुनील शर्मा उर्फ बिट्टू ने विलाप का सुंदर दृश्य प्रस्तुत किया। हनुमान के अभिनय में अरुण वर्मा, बाली सचिन गौड, सुग्रीव जितेंद्र वर्मा ने भी दर्शकों की वाहवाही लूटी। मीडिया प्रभारी डा. संदीप कपूर ने बताया कि बृहस्पतिवार को सेतुबंध रामेश्वरम, अंगद रावण संवाद और लक्ष्मण शक्ति की लीला का मंचन किया जाएगा। इस मौके पर कमेटी के महामंत्री कृष्णमूर्ति भट्ट, मुख्य दिग्दर्शक महाराज कृष्ण सेठ, भगवत शर्मा, सुनील भसीन, वीरेंद्र चड्ढा, रविकांत अग्रवाल, देवेंद्र चड्ढा, रमन शर्मा, कन्हैया खेवडिय़ा, महेश गौड, विनोद नयन ने योगदान दिया।
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लंका में हनुमान ने लगाई आग
हरिद्वार। श्रीराम नाट्य संस्था भीमगोड़ा की ओर से आयोजित रामलीला में मंगलवार की रात लंका दहन का दृश्य मंचित किया गया। राम भक्त हनुमान ने लंका में पहुंचकर अशोक वाटिका में भूख मिटाने के लिए फल खाए और रावण के पुत्र अक्षय कुमार का वध किया। उसके बाद मेघनाथ ब्रह्मपाश में बांधकर हनुमान को रावण के दरबार में लाए। जहां हनुमान ने अपनी पूंछ में आग लगाई और वहां से आसानी से चले गए तथा पूरी लंका को तहस-नहस कर दिया। सीता का अभिनय ऋषभ गिरी और रावण का अभिनय डा. विजय शर्मा, मेघनाथ बलराम गिरी कड़क, हनुमान रणधीर गिरी, अक्षय कुमार, प्रशांत शर्मा समेत कई अन्य कलाकारों ने सुंदर अभिनय किया। इस मौके पर डायरेक्टर लखन लाल चौहान, सहायक डायरेक्टर हरीश भट्ट, हरिमोहन वर्मा, तनुज महेश्वरी, मधुकांत गिरी, सुनील कंडवाल, याज्ञिक वर्मा आदि ने सहयोग किया। उधर भूपतवाला मुखिया गली की रामलीला में सीता हरण जटायु वध का दृश्य दिखाया गया। रावण का अभिनय में अमित चौटाला ने सुंदर अभिनय पेश कर अपनी कलाकारी की छाव छोड़ी।
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रामलीला से दिया जलसंचय का संदेश
हरिद्वार। कनखल रामलीला के मंच पर शबरी और बाली वध की लीला का मंचन किया गया।
इस दौरान पदाधिकारियों ने जल को जीवन बताते हुए जल संरक्षण का संदेश भी दिया।
बाली को वरदान था कि जो भी उससे युद्ध करेगा उसका आधा बल बाली में आ जाएगा। राम ने जब छिप कर बाली का वध किया तो बाली ने भगवान को कहा कि ये अनीति है तो भगवान ने उसे याद दिलाया कि उसने छलपूर्वक अपने छोटे भाई की पत्नी को उससे छीन लिया और भाई सुग्रीव को मारकर भगा दिया था। बाली को ग्लानि हुई और उसने पुत्र अंगद को भगवान राम को सौंपकर अपने लिए मोक्ष की कामना की। रावण ने माता सीता को अशोक वाटिका में कैद कर रखा था। अक्षय कुमार को मारने के बाद हनुमान ने लंका में आग लगा दी। मंचन में हनुमान को समुद्र पार कराने के लिए उनका बल याद दिलाने के दृश्यों ने भी खूब तालियां बटोरी। इन दृश्यों को बाली रूप में कन्हैया, रावण के रूप में सुधांशु प्रतीक, हनुमान के रूप में रजत, राम व लखन रूप में विशाल द्वय तथा सीता के रूप में विनायक ने जीवंत कर दिया। लीला का संचालन कर रहे प्रदीप गर्ग ने मंच से गंगा स्वच्छता और जल जीवन अभियान के अंतर्गत पानी के दुरुपयोग के आने वाले खतरों से लोगों को रूबरू करवाया। लीला के संयोजकशैलेन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि लीला का उद्देश्य लोगो को धार्मिक कथा केसाथ सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूक करना भी है। लीला के सदस्यों ने पूरे वर्ष भर इन सरोकारों पर लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया है। लीला को सहयोग करने वालों में वरिष्ठ सदस्य संजय कोशिश, मनोज वर्मा, सुधांश ुगौतम, श्रीमोहन अत्री, गंगाशरण भारद्वाज, प्रतीक गुप्ता, बालेंदु शर्मा, संदीप प्रधान, नीरज गुप्ता, मनप्रीत कौर, आकाश अत्री, जगमोहन मामा, अरविंद गुप्ता, सतपाल , पुनीत त्रिपाठी, वैभव भारद्वाज आदि उपस्थित थे।


फोटो समाचार
लक्ष्मण रेखा पार कर रावण ने किया सीता हरण
पथरी। गांव बादशाहपुर में रामलीला के मंचन में सीता हरण हुआ। मंचन में रावण ने राम लक्ष्मण को धोखा देने के लिए मामा मारीच को हिरन बना कर पंचवटी पर भेजा। रावण ने स्वयं भेष बदल कर धोखे से सीता को हर लिया। रावण सीता को अशोक वाटिका ले गया। इसके बाद रावण के दरबार में गीत संगीत की महफिल सजी। इस बार रामलीला के मंचन देखने के लिए दर्शकों की भीड़ बढ़ी है। अभी से दशहरे के त्योहार को लेकर रावण के पुतले तैयार किए जा रहे है। इन दिनों गांव मिस्सरपुर, जियापोता, बहादरपुर जट, शिवगढ, शाहपुर और बादशाहपुर में रामलीलाएं हो रही है।
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