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देवाल ब्लाक का अंतिम गांव बलाड़ को मिलेगी सड़क सुविधा
Updated Wed, 20 Sep 2017 10:27 PM IST
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देवाल। ब्लाक के अंतिम गांव बलाड़ को अब जल्द सड़क सुविधा मिल सकेगी। पीएमजीएसवाई गांव तक करीब 11 किमी सड़क का निर्माण कार्य पूरा कर चुकी है, जबकि सड़क को जोड़ने के लिए कैल नदी पर निर्माणाधीन मोटर पुल को 30 सितंबर तक पूरा करने का दावा विभागीय अधिकारी कह रहे हैं। पुल निर्माण कार्य पूरा होते ही ब्लाक के अतिदुर्गम इस गांव को सड़क सुविधा मिल सकेगी।
घेस घाटी का अंतिम गांव बलाड़ आज भी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है। गांव में आज तक बिजली, सड़क, अस्पताल, दूरसंचार की कोई व्यवस्था नही है। सड़क नहीं होने से यहां के लोगों को सामान के कीमत से ज्यादा किराया देना पड़ता है। लगातार मांग के बाद घेस-हिमनी मोटर मार्ग के हिमनी से बलाड़ 11 किलोमीटर मोटर मार्ग का निर्माण पीएमजीएसवाई ने पूरा कर लिया है, लेकिन बीच में पड़ने वाली कैल नदी पर पुल नहीं होने से अभी तक सड़क पर वाहन नहीं चल पा रहे हैं। लिहाजा एक हजार की आबादी वाले इस गांव के ग्रामीणों को 11 किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। गांव के प्रधान केदार सिंह, जय सिंह, बुद्धिराम ने कहा कि मोटर पुल और सड़क बन जाने से दूरस्थ ग्रामीणों को अब सड़क सुविधा का लाभ मिल सकेगा। वहीं दूसरी ओर पीएमजीएसवाई के जेई भूपेंद्र सिंह ने बताया कि घेस-हिमनी-बलाड़ मोटर मार्ग के कैल नदी पर 2 करोड़ 53 लाख का लोहे का पुल 30 सितंबर तक तैयार हो जाएगा।
घेस घाटी का अंतिम गांव बलाड़ आज भी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है। गांव में आज तक बिजली, सड़क, अस्पताल, दूरसंचार की कोई व्यवस्था नही है। सड़क नहीं होने से यहां के लोगों को सामान के कीमत से ज्यादा किराया देना पड़ता है। लगातार मांग के बाद घेस-हिमनी मोटर मार्ग के हिमनी से बलाड़ 11 किलोमीटर मोटर मार्ग का निर्माण पीएमजीएसवाई ने पूरा कर लिया है, लेकिन बीच में पड़ने वाली कैल नदी पर पुल नहीं होने से अभी तक सड़क पर वाहन नहीं चल पा रहे हैं। लिहाजा एक हजार की आबादी वाले इस गांव के ग्रामीणों को 11 किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। गांव के प्रधान केदार सिंह, जय सिंह, बुद्धिराम ने कहा कि मोटर पुल और सड़क बन जाने से दूरस्थ ग्रामीणों को अब सड़क सुविधा का लाभ मिल सकेगा। वहीं दूसरी ओर पीएमजीएसवाई के जेई भूपेंद्र सिंह ने बताया कि घेस-हिमनी-बलाड़ मोटर मार्ग के कैल नदी पर 2 करोड़ 53 लाख का लोहे का पुल 30 सितंबर तक तैयार हो जाएगा।
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