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बदहाल बना है कर्णप्रयाग का खेल मैदान
Updated Sun, 17 Sep 2017 10:11 PM IST
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कर्णप्रयाग। तहसील मुख्यालय पर एक मात्र राजकीय इंटर कालेज का खेल मैदान बदहाल बना है। मैदान की बदहाली के चलते जहां बच्चों और युवाओं को खेल सुविधा नहीं मिल पा रही है।
वर्ष 2010 में तत्कालीन सीएम डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने यहां मैदान के विस्तारीकरण के लिए दस लाख की स्वीकृति दी थी। मैदान का विस्तार तो हुआ लेकिन अब यह बदहाल पड़ा है। युवा जयवीर तोपाल, रामपाल, दीपक शाह आदि का कहना है कि सरकारें ग्रामीण स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही हैं, लेकिन नगरों के मैदान खेलने लायक नहीं हैं। यही नहीं अक्तूबर 2018 में होने वाली राजकीय इंटर कालेज का शताब्दी समारोह भी इसी मैदान में होना है, लेकिन मैदान की बदहाली आयोजन समिति के लिए भी चुनौती है। वहीं जीआईसी के प्रधानाचार्य गिरीश डिमरी का कहना है कि आयोजन से पूर्व कालेज भवन सहित मैदान के सुधारीकरण का प्रस्ताव समिति की ओर से सरकार को भेजा गया है।
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वर्ष 2010 में तत्कालीन सीएम डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने यहां मैदान के विस्तारीकरण के लिए दस लाख की स्वीकृति दी थी। मैदान का विस्तार तो हुआ लेकिन अब यह बदहाल पड़ा है। युवा जयवीर तोपाल, रामपाल, दीपक शाह आदि का कहना है कि सरकारें ग्रामीण स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही हैं, लेकिन नगरों के मैदान खेलने लायक नहीं हैं। यही नहीं अक्तूबर 2018 में होने वाली राजकीय इंटर कालेज का शताब्दी समारोह भी इसी मैदान में होना है, लेकिन मैदान की बदहाली आयोजन समिति के लिए भी चुनौती है। वहीं जीआईसी के प्रधानाचार्य गिरीश डिमरी का कहना है कि आयोजन से पूर्व कालेज भवन सहित मैदान के सुधारीकरण का प्रस्ताव समिति की ओर से सरकार को भेजा गया है।
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